- भूपोऊ में ग्रामीणों ने श्रद्धा व उत्साह के साथ किया देवता का स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। दसऊ गांव में दो दिन की बागड़ी के रूप में रुकने के बाद छत्रधारी चालदा महासू देवता बुधवार को अगले पड़ाव ग्राम भूपोऊ पहुंचे। गांव से जाते समय दसऊ के ग्रामीणों व बेटियों ने देवता को नम आंखों से विदाई दी। भूपोऊ में ग्रामीणों ने देवता का पूरे उत्साह व श्रद्धा के साथ स्वागत किया।
हिमाचल प्रदेश के पश्मी प्रवास के लिए रवाना होने से पहले दो दिन तक चालदा देवता गांव में ही बागड़ी के रूप में रहे। इसके बाद देव यात्रा अगले पड़ाव ग्राम भूपोऊ के लिए प्रस्थान कर गई। इस दौरान ग्राम गबेला में देव यात्रा का ढोल-नगाड़ों के साथ ग्रामीणों ने स्वागत किया। यहां ग्राम स्थित मंदिर से कुकरसी महाराज की पालकी देवता की अगुवाई के लिए लाई गई थी। इस दौरान पालकियों का देव मिलान कराया गया। इसके पश्चात देर रात चालदा देवता भूपोऊ पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने देव यात्रा का पूरे विधि विधान व पारंपरिक मान्यताओं के साथ स्वागत किया।
यात्रा में देव वजीर दीवान सिंह राणा, पश्मी के वजीर नरेंद्र सिंह तोमर, खत स्याणा शूरवीर सिंह चौहान, छतराई शेर सिंह चौहान, मुकेश शर्मा, कुंवर सिंह चौहान, पदम सिंह चौहान, भगत राम शर्मा, दौलत सिंह चौहान मौजूद रहे।