आजकल इस घाटी में आईटीबीपी के जवान ही सीमा की सुरक्षा में लगे हैं। लोगों ने अपने घरों की छत पर भालुओं के पैर के निशान देखकर सामान की चिंता होने लगी है। दारमा घाटी को जाने वाली सड़क सेला से आगे बंद होने से लोग अपने घरों की देखभाल के लिए भी नहीं जा पा रहे हैं। दांतू गांव के प्रधान जमन दताल और बीडीसी सदस्य मनोज ग्वाल ने कहा कि सड़क को खोलने को लेकर शीघ्र ही उपजिलाधिकारी से मुलाकात की जाएगी।
12 दिसंबर की बर्फबारी के बाद से सेला गांव के आगे बर्फ होने के कारण सड़क बंद है। दारमा घाटी में दो जनवरी की बर्फबारी से सेला, चल, नांगलिंग, बालिंग में एक फीट, बोन, फिलम, सोन, दुग्तू, दांतू, गो में डेढ़ फीट से अधिक बर्फ है। ढाकर, तिदांग, मार्छाल और अंतिम गांव सीपू में लगभग दो फीट बर्फ पड़ी है। पंचाचूली ग्लेशियर और चीन बार्डर के दावे, विदांग आदि जगह पर 3 से 5 फीट बर्फबारी हुई है।