सुबह के समय श्राद्ध एवं तर्पण आदि के बाद पितरों को विदाई दी गई तो शाम के समय नवरात्र की खरीदारी करने के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। कई तरह की पूजन सामग्री के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़े हुए हैं। जबकि, तेल और सूखे मेवे के दामों में भी तेजी आई है। हालांकि, श्रद्धालुओं का कहना है कि पूजा-अर्चना में महंगाई आड़े नहीं आएगी।
बृहस्पतिवार को सुबह मंदिरों और घर-घर में कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा को विराजमान किया जाएगा। इसके लिए बुधवार की शाम को श्रद्धालुओं ने खरीदारी की। बाजार में 50 से अधिक पूजन सामग्री बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कपूर, सुपारी, घी, तेल, पंचमेवा आदि के दामों में बढ़ोतरी के बावजूद श्रद्धालुओं ने नौ दिन के हिसाब से सामग्री खरीदी। मिट्टी का कलश और दीपकों की भी खरीदारी हुई। कलश 50 रुपये से लेकर 150 रुपये तक में बिका। हरियाली के लिए बोई जाने वाली जौ के दामों 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक रहे। सूखे मेवे में काजू के दाम 800 से 1200 और बादाम 800 रुपये तक में बिका।
Iमिट्टी की मूर्ति के दाम 150 से 1200 रुपये तकI
मां दुर्गा की मिट्टी की मूर्ति को स्थापित कर पूजा-अर्चना का विधान है। दुकानदारों ने कई खास तरह की मूर्तियों को बिक्री के लिए रखा है। ये मूर्तियां 150 रुपये से शुरू होकर 1200 रुपये तक की हैं।
Iफूलों पर आई बहारI
नवरात्र के चलते फूलों की दुकानों पर भी बहार दिखी। सभी बाजारों में तरह-तरह के फूलों की मालाएं बनाकर रखी गई थी। इन मालाओं की कीमत 20 रुपये से लेकर 100 रुपये तक रही।