नोटबंदी के बाद जाली हुई करेंसी को खपाने के लिए ऊधमसिंहनगर जिला सबसे मुफीद साबित हो रहा है।
काशीपुर में ढाई करोड़ की जाली करेंसी मिलने से पहले भी पिछले तीन सालों के भीतर जिले में 50 लाख से अधिक की जाली करेंसी बैंकों में या जाली करेंसी छापने वालों के पास से बरामद हुई है। जिसमें पुलिस द्वारा कुल 34 अभियोग पंजीकृत किये गये हैं।
काशीपुर में सोमवार को दो करोड़ 50 लाख की जाली करेंसी मिलने का जिला में पहला मामला नहीं है। नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से लगातार जाली नोटों की भारी खेप बरामद हुई है। जिसमें से कुछ जाली करेंसी बैंकों में जमा होने के बाद पकड़ में आई है तो कुछ नकली करेंसी छापने वाले जालसाजों से पुलिस ने बरामद की है।