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नोटबंदी के बाद जाली करेंसी को खपाने के लिए ये जिला हुआ सबसे मुफीद साबित

Wed, 16 Jan 2019 08:46 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal धन सिंह बिष्ट, अमर उजाला, रुद्रपुर
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नोटबंदी के बाद जाली हुई करेंसी को खपाने के लिए ऊधमसिंहनगर जिला सबसे मुफीद साबित हो रहा है।

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काशीपुर में ढाई करोड़ की जाली करेंसी मिलने से पहले भी पिछले तीन सालों के भीतर जिले में 50 लाख से अधिक की जाली करेंसी बैंकों में या जाली करेंसी छापने वालों के पास से बरामद हुई है। जिसमें पुलिस द्वारा कुल 34 अभियोग पंजीकृत किये गये हैं।  

काशीपुर में सोमवार को दो करोड़ 50 लाख की जाली करेंसी मिलने का जिला में पहला मामला नहीं है। नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से लगातार जाली नोटों की भारी खेप बरामद हुई है। जिसमें से कुछ जाली करेंसी बैंकों में जमा होने के बाद पकड़ में आई है तो कुछ नकली करेंसी छापने वाले जालसाजों से पुलिस ने बरामद की है।

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जसपुर और काशीपुर में सबसे ज्यादा जाली करेंसी बरामद

पुलिस विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 81,700 की जाली करेंसी, वर्ष 2017 में 52,050 और वर्ष 2018 में 37,2800 की जाली करेंसी बरामद हुई है। जाली करेंसी मिलने के इन मामलों में पुलिस द्वारा वर्ष 2016 में सात, 2017 में छह और 2018 में 21 अभियोग भी पंजीकृत किये गये हैं।

जसपुर और काशीपुर थाना क्षेत्र में सबसे अधिक जाली करेंसी अब तक बरामद हुई है। साथ ही जसपुर, पंतनगर और ट्रांजिट कैंप में नकली करेंसी छापने का कारखाना और उपकरण भी पुलिस द्वारा पूर्व में बरामद किये गये हैं। अब वर्ष 2019 में भी काशीपुर में ढाई करोड़ रुपये की जाली करेंसी बरामद होने का खुलासा पुलिस ने किया है। 
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