बकौल आयुष गौड़ वीडियो बनाने के बाद जब उसे काफी समय तक चैनल की ओर से कोई जवाब नहीं मिला तो वह सकते में आ गया। उसे उमेश शर्मा की वह बात याद आई जिसमें वह सरकार को अपने कब्जे में लेने की बात कर रहा था। याद आया कि उमेश शर्मा इन वीडियो को भी तोड़ मरोड़कर पेश कर सरकार को ब्लैकमेल कर सकता है।
लिहाजा उसने सबसे पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इस पर बीते जून में उसने प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली को पत्र लिखकर घटनाक्रम की जानकारी दी।
डेढ़ माह तक कोई जवाब नहीं आया तो जुलाई के अंतिम सप्ताह में उसने अपने एक परिचित की मदद से पुलिस से संपर्क किया। प्राथमिक जांच के बाद 10 अगस्त को मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उसने सभी सीडी, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस राजपुर थाना पुलिस को उपलब्ध करा दी है।