शांतिकुंज के प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने कहा कि देश के लिए यह बहुत बड़ा दिन है। बंटवारे के समय पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कश्मीर को अतिरिक्त अधिकार दिए थे। उस समय परिस्थिति जो भी रही होगी, लेकिन यह उचित नहीं है।
अनुच्छेद 370 को हटाने की बात लंबे समय से की जा रही थी और मोदी सरकार ने जनता की उम्मीदों के अनुरूप निर्णय लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार बधाई की पात्र है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्री महंत स्वामी हरि गिरि महाराज ने भी केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कदम उठाकर 70 साल से जारी देश की मांग को पूरा किया है और देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाना ऐतिहासिक कदम है। इससे भी ज्यादा यह केंद्र सरकार का हिम्मत वाला कदम है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जम्मू कश्मीर को तीन भागों में बांटा गया है वह भी गौरवशाली निर्णय है। अब देश में एक कानून और एक ही झंडे का उपयोग होगा।
वहीं, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने को ऐतिहासिक निर्णय बताया। कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह बधाई के पात्र हैं।
70 साल बाद पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान सार्थक हुआ है और जम्मू कश्मीर भारत की मुख्य धारा में शामिल हो पाया है। उन्होंने इसे भारत के लिए एतिहासिक दिन बताया।