जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद कूरियर कंपनियों ने भी जम्मू और कश्मीर के लिए पत्र और पार्सल की बुकिंग बंद कर दी है। इससे रुड़की में स्थित डीटीडीसी, फर्स्ट फ्लाइट और ओवर नाइट एक्सप्रेस कूरियर कंपनी सहित अन्य कंपनियों ने भी जम्मू और कश्मीर के लिए पत्र और पार्सल की बुकिंग बंद कर दी है। सिविल लाइंस स्थित ओवर नाइट एक्सप्रेस कोरियर के प्रबंधक वीके गुप्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर में हालात को देखते हुए फिलहाल वहां के पत्र और पार्सल बुक नहीं किए जा रहे हैं। हालात सामान्य होने पर बुकिंग की जाएगी।
पठानकोट तक ही जा रही रोडवेज की बस
प्रदेश से जम्मू जाने वाली उत्तराखंड रोडवेज की बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। हरिद्वार डिपो से हर दिन दोपहर तीन बजे जम्मू के लिए रोडवेज की बस रवाना होती है। जो 13 घंटे बाद वहां पहुंचती है, लेकिन सोमवार को इस बस को पठानकोट से आगे नहीं जाने दिया गया। हरिद्वार डिपो के एसएसआई रामकुमार ने बताया कि सोमवार से बस पठानकोट तक ही जा रही है। पठानकोट से जम्मू करीब 130 किलोमीटर दूर है।
जम्मू कश्मीर में व्यापार करने के लिए और फैक्ट्रियों में नौकरी करने वाले युवकों को उनकी बहनें राखी नहीं भेज पाई। मुख्य डाकघर में भाई के लिए राखियों से भरा लिफाफा पोस्ट करने के लिए आई रेखा, जम्मू और कश्मीर के लिए स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री बुकिंग पर रोक लगाने का आदेश पढ़कर सन्न रह गई। बाद में डाक विभाग के अधिकारियों से पूछने पर जम्मू कश्मीर के लिए पत्रों की बुकिंग पर अनिश्चितकाल के लिए पत्रों की रोक पुख्ता खबर के बाद वह हाथ में लिफाफा रखकर मायूस होकर घर लौट आई।
सेना की डाक पर नहीं पड़ा कोई फर्क
प्रदेश से जम्मू और कश्मीर के लिए पत्रों और पार्सलों की बुकिंग बंद करने के बाद सेना की डाक व्यवस्था किसी प्रकार से प्रभावित नहीं हुई है। डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सेना की अपनी डाक व्यवस्था इसलिए उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
सोमवार को डाक निदेशालय से जम्मू और कश्मीर के लिए पत्रों और पार्सलों की बुकिंग रोकने को लेकर मेल आई थी। सोमवार को ही दोपहर एक बजे से जम्मू कश्मीर के लिए पत्रों और पार्सलों की बुकिंग बंद कर दी गई थी। यह व्यवस्था अनिश्चितकाल के लिए है। सेना की डाक व्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
-रमेश दत्त रतूड़ी, मुख्य पोस्टमास्टर, रुड़की मुख्य डाकघर