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Dehradun News: यूसीसी और ऑनलाइन रजिस्ट्री के विरोध में 14 को अधिवक्ताओं की हड़ताल

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-यूसीसी में शादी और वसीयत के पंजीकरण में रखा है अधिवक्ताओं को अलग

-ऑनलाइन रजिस्ट्री में भी नहीं रहेगा अधिवक्ताओं की दखल, आंदोलन की चेतावनी



समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में शादियों और वसीयत के पंजीकरण और ऑनलाइन रजिस्ट्री में अधिवक्ताओं की भूमिका न होने से अधिवक्ताओं में नाराजगी है। बार एसोसिएशन ने इसके लिए 14 फरवरी को न्यायिक कार्यों से विरत रहने का फैसला किया है। इसके अलावा पेपर लेस रजिस्ट्री को भी अधिवक्ताओं के खिलाफ बताया है। इसके लेकर अब अधिवक्ताओं ने आंदोलन की तैयारियां कर ली हैं। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता इसमें सड़कों पर उतरकर आंदोलन भी कर सकते हैं।

बार एसोसिएशन देहरादून की ओर से एक बयान जारी कर हड़ताल की जानकारी दी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शर्मा बंटू ने बताया कि यूसीसी में शादियों का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन किया जाएगा। इसके अलावा वसीयत को भी ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से रजिस्टर्ड माना जा रहा है। इन दोनों कामों पर बहुत से अधिवक्ताओं का कारोबार जुड़ा हुआ था। लेकिन, ऑनलाइन प्रक्रिया होने से अधिवक्ताओं की कोई भूमिका नहीं रहेगी। यह अधिवक्ताओं के हित में नहीं है। शर्मा ने बताया कि यूसीसी में अधिवक्ता समाज की भी सलाह लेनी चाहिए थी। ताकि, उन्हें इसकी प्रक्रियाओं से दूर न करते हुए बीच का रास्ता निकाल लिया जाता।
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इसी तरह अब मुख्यमंत्री ने पेपर लेस रजिस्ट्री की बात कही है। इसमें भी अधिवक्ताओं की जरूरत नहीं होगी। इसमें न सिर्फ अधिवक्ता बल्कि स्टांप वेंडर व अन्य कर्मचारी भी इससे प्रभावित होंगे। सभी स्टांप आदि के भुगतान भी ऑनलाइन किए जाएंगे। इससे भी अधिवक्ताओं को नुकसान होगा। इन्हीं सब बातों को लेकर बार एसोसिएशन ने रजिस्ट्रार कार्यालय पर हड़ताल करने और पूरी तरह से 14 फरवरी को न्यायिक कार्यों से विरत रहने का फैसला लिया है। बता दें कि अधिवक्ता लंबे समय से पेपर लेस ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। पिछले साल भी इस संबंध में अधिवक्ताओं ने आंदोलन किया था। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार नहीं मानती तो वे इसमें बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
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