अब उन्हें केवल भारतीय पर्वतारोहण संस्था नई दिल्ली (आईएमएफ) द्वारा निर्धारित शुल्क का ही भुगतान करना होगा। पर्वतारोहण के लिए सभी आवेदन उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम के माध्यम से किए जाएंगे। पर्वतारोहण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने से सीमावर्ती क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन के साथ रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय साहसिक पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान मिलेगी।
हिमालय प्राकृतिक सौंदर्य के साथ साहस, अध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत केंद्र है। 83 प्रमुख पर्वत चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोलने का निर्णय राज्य के साहसिक पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देगा। यह पहल युवाओं को पर्वतारोहण के प्रति प्रेरित करने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ पर्यावरण संतुलित पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी।
-धीराज गर्ब्याल, सचिव पर्यटन