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बाजार में बिकने वाली हर तीसरी चीज में मिलावट, ऐसे करें पहचान

Sun, 21 May 2017 01:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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मिलावटखोर चांदी की जगह एल्युमिनियम का वर्क लपेट सिर्फ मिठाइयों को ही जहरीला नहीं कर रहे हैं, दूसरे खाद्य पदार्थों में भी मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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बीते दिनों खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच से खुलासा हुआ है कि बाजार में बिकने वाली लगभग हर तीसरी चीज में मिलावट की जा रही है। खुले, पैक्ड, कच्चे और पके खाद्य पदार्थों में मिलावट की जा रही है।

फल-सब्जियों में भी बहुत तरह के घातक रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। वहीं रुद्रपुर की एकमात्र लैब के बदहाल होने के कारण खाद्य सुरक्षा अभिकरण मिलावटखोरों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। 
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खाद्य सुरक्षा अभिकरण की जांच में मिठाइयों पर लपेटे जाने वाले वर्क के चांदी के बजाय एल्युमिनियम का होने की पुष्टि हुई है। इससे पहले हुई जांचों में भी बड़े स्तर पर मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थ बेचे जाने का खुलासा हुआ है।

आटा, दाल, चावल से लेकर मिठाईयां और फल-सब्जियों से लेकर शरबत जूस तक में किसी न किसी तरह की मिलावट की जा रही है। दूध के लगभग 25 फीसदी नमूनों में सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों की मिलावट की जा रही है।

कुछ समय पूर्व राजधानी की एक संस्था ने खाद्य पदार्थों की जांच कर उनमें बड़े पैमाने पर मिलावट होने का दावा किया था। रुद्रपुर में प्रदेश की एकमात्र लैब है लेकिन वहां स्थाई एनालिस्ट नहीं है। सप्ताह में एक दिन दूसरे राज्य का एनालिस्ट यहां आकर प्रदेशभर के सैंपल की जांच करता है। ऐसे में एक-एक जांच आने में कई-कई महीने का समय लग जाता है। 

ऐसे करें पहचान

घी
मिलावट-वनस्पति घी और उबला आलू
पहचान- गर्म करने पर खुशबू नहीं आती

आटा
मिलावट- सेलखड़ी का पाउडर
नुकसान- पेट की बीमारियां
पहचान- आटा गूंथने और रोटी बनाने के बाद कड़कड़ी हो जाती है।

काली मिर्च
मिलावट- पपीते के बीज
नुकसान- पाचन क्रिया को नुकसान
पहचान- पानी में डालने पर पपीते के बीज तैरते हैं।

दूध
मिलावट- अरारोट, यूरिया, डिटर्जेंट व रिफाइंड
नुकसान- किड़नी फेल होने का खतरा। अन्य अंगों को भी नुकसान।
पहचान- 10 मिली दूध को उतने ही पानी के साथ मिलाएं। हिलाने पर झाग निकले तो डिटरजेंट हो सकता है। गर्म दूध में पीलापन और रगड़ने पर साबुन जैसा महसूस हो तो सिंथेटिक है। 

हल्दी
मिलावट- पीली मिट्टी
नुकसान- पेट में कीड़े व अन्य दिक्कतें
पहचान- हल्दी में पांच बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड और पांच बूंद पानी डालें। अगर बैंगनी या गुलाबी रंग आए तो मिलावटी है।

पहचानना है बड़ा मुश्क‌िल

लाल मिर्च पाउडर
मिलावट- ईंट का चूरा
नुकसान- आंत और पांचन तंत्र को नुकसान
पहचान- पानी में डालने पर असली मिर्च तैरती है जबकि ईंट का चूरा डूब जाता है।

धनिया
मिलावट- लकड़ी का बुरादा व पशुओं की लीद
नुकसान- शरीर के आंतरिक हिस्सों को नुकसान

फ्रोजन मटर
मिलावट- मैलाकाइट ग्रीन व अन्य रसायन
नुकसान- कैंसर समेत अन्य बीमारियों का खतरा
पहचान- फ्रोजन मटर को पानी में डालकर आधा घंटा छोड़ दें। अगर पानी हरा हो तो समझिये मैलाकाइट ग्रीन की मिलावट है।

सरसों तेल
मिलावट- आर्जीमोन व सस्ता पॉम आयल
नुकसान- पेट और आंतरिक हिस्सों को नुकसान
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फल-सब्जियां भी नहीं सुरक्षित

सेहत के लिए फायदेमंद माने जाने वाले फल और सब्जियां भी अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गए हैं। फल-सब्जियों में रंग, आकार, पकाने और लंबे समय तक सड़ने से बचाने के लिए कई तरह के रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ रसायनों का केवल छिड़काव किया जा रहा है जबकि कुछ को इंजेक्शन या अन्य तरीके से फल-सब्जी के अंदर डाला जा रहा है। फलों को ताजा दिखान के लिए लेड और कॉपर सॉल्यूशन, सफेदी के लिए फूलगोभी पर सिल्वर नाइट्रेट डाला जाता है। 

मिलावटी रंग भी घातक
मिठाइयों व अन्य खाद्य पदार्थों में बड़े पैमाने पर रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। यह मिलावटी रंग शरीर में कैंसर और दूसरे त्वचा रोग पैदा कर सकते हैं। इसके इस्तेमाल से डीएनए में भी विकृति आ सकती है। दून में कुछ समय पहले एक प्रसिद्ध मिठाई की दुकान में ऐसा मामला सामने आया था। 

कैसे करें मिलावट की जांच
विशेषज्ञों का कहना है कि चायपत्ती में ठंडा पानी डालने पर भूरा रंग निकले तो वह मिलावटी है।  दालचीनी को हाथ में रगड़ने पर रंग आए तो समझिये असली है।  सेब को चाकू या ब्लेड से हल्का खुरचिये। अगर सफेद-सफेद कुछ निकले तो समझो मोम की पॉलिश है। जीरा हथेली पर रगड़ने से काला हो तो मिलावटी है। 

खाद्य सुरक्षा अभिकरण की तरफ से समय-समय पर खाद्य पदार्थो की जांच के लिए अभियान चलाया जाता है। शिकायत मिलने पर भी सैंपलिंग की कार्रवाई की जाती है। लैब में एनालिस्ट की कमी के कारण जांच रिपोर्ट मिलने में समय ज्यादा लग रहा है। 
अनोज थपलियाल, जिला अभिहीत अधिकारी

मिलावटी खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल से पेट की विभिन्न बीमारियों का खतरा रहता है। रसायन युक्त मिलावट से किड़नी, लीवर, त्वचा, आंत और पेट के आंतरिक हिस्सों को नुकसान हो सकता है। ज्यादा इस्तेमाल से किडनी फेल होने का खतरा भी रहता है। साथ ही अल्सर, संक्रमण का खतरा भी रहता है।
डा. महावीर सिंह, वरिष्ठ फिजिशियन
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