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I10वीं बोर्ड परीक्षा पास करने वाले छात्रों के लिए केंद्रीय विद्यालय में 11वीं कक्षा में दाखिला लेना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसकी दो मुख्य वजह हैं। पहली केवि संगठन देहरादून संभाग का परिणाम 100 फीसदी रहना और दूसरा केवि संगठन की ओर से सभी कक्षाओं में सीटों को निर्धारित करना है।I
Iकेंद्रीय विद्यालयों में इन दिनों 11वीं कक्षा के प्रवेश के लिए अभिभावकों की लंबी लाइन लग रही है। कुछ एक केवि में सीटें तो खाली हैं, लेकिन एक सीट के लिए 10 से 15 बच्चे आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में सीटें न होने से अभिभावकों को मायूसी हाथ लग रही है। दरअसल, बीते कुछ सालों से केवि में हर कक्षा में छात्रों की संख्या को निर्धारित किया गया है। उधर, परिणाम भी 100 फीसदी रहने से सीटें खाली रहने की संभावना भी कम हो रही है। कुछ विद्यालयों में बच्चे का स्थानांतरण होने या फिर शहर छोड़ने से सीट तो खाली हो रही हैं, लेकिन उस पर भी आरक्षित बच्चे को पहला मौका मिलेगा।I
Iवहीं, केवि सालावाला और केवि नंबर दो हाथीबड़कला में कक्षा 11 में एक भी सीट नहीं है। वहीं, अन्य केवि में भी सीमित सीटें उपलब्ध हैं।
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Iयह बात सही है परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहने से नए छात्रों को प्रवेश देना किसी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि, हमारे विद्यालय में कक्षा 11 में छह सीटें उपलब्ध हैं। इन सीटों में भी पहले अन्य केवि के छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। सीट उपलब्ध रहने की स्थिति में मेरिट के आधार पर दूसरे विद्यालय के छात्र को प्रवेश का मौका मिलेगा। - सुशील धीमान, प्राचार्य, केवि ओएनजीसीI