हरिद्वार स्थित प्रेम नर्सिंगहोम की संचालिका डॉ. संध्या शर्मा से बेटे का एमडी (रेडियोलॉजिस्ट) में दाखिला करवाने के नाम पर 66 लाख रुपए हड़प लिए।
रविवार को कोतवाली ज्वालापुर में संचालिका की ओर से रुड़की आईआईटी के कर्मचारी समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। ज्वालापुर की पुरानी सब्जी मंडी में डॉ. संध्या शर्मा का नर्सिंगहोम है।
मुकदमा दर्ज कराते हुए महिला डॉक्टर ने बताया कि उसके क्लीनिक में पिछले वर्ष अगस्त में रुड़की निवासी कुलवीर अपनी पत्नी के इलाज के लिए आया था। उस समय कुलवीर ने खुद को मेडिकल कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटे में दाखिला कराने वाला एजेंट बताया था।
यह भी जानकारी दी थी कि उसका एक साथी सुनील शर्मा (आईआईटी रुड़की में क्लर्क और इंटरनेशनल कॅरियर इंस्टीट्यूट संचालक) भी यह काम करता है। उसके बाद दोनों का नर्सिंगहोम में आना जाना चलता रहा। तय हुआ कि वह उनके बेटे का दाखिला एमडी रेडियोलॉजिस्ट में करवा देंगे।
दोनों ने अपने एक साथी ए. श्रीनिवास निवासी ब्लॉक जयनगर बंगलुरु के बारे में भी जानकारी दी। फिर बंगलुरु से यहां पहुंचे ए. श्रीनिवास संग कुलवीर एवं सुनील शर्मा ने उससे फिर नर्सिंगहोम में मुलाकात की। दाखिला करवाने की फीस एक करोड़ मांगी गई। लेकिन संचालिका ने कहा कि तय 66 लाख रुपए में हुआ है।
बाकायदा 36 लाख रुपए की रकम दे भी दी। फिर बीते वर्ष नवंबर से जून 2015 तक 29 लाख रुपए की रकम ए. श्रीनिवास के खाते में जमा करा दी। जबकि एक लाख की रकम सुनील शर्मा की पत्नी के खाते में जमा कराई। लखनऊ में कॉलेज में दाखिला लेने जाने की पूरी तैयारी कर ली लेकिन फिर ए. श्रीनिवास ने मोबाइल फोन पर संपर्क कर कॉलेज में विजिलेंस का छापा लगने की बात कहकर कुछ दिन ठहरने को कहा।
आरोप है कि अब तक उसके बेटे का दाखिला नहीं हुआ है। जब सुनील शर्मा से रकम वापस देने को कहा तो उसके साथ अभद्रता कर दी। कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।