गोरखाली सुधार सभा की ओर से आदिकवि भानुभक्त आचार्य की 207वीं जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने कहा कि नेपाली भाषा, संस्कृति एवं एकीकरण में आदिकवि भानुभक्त आचार्च का ऐतिहासिक योगदान रहा है।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व राज्यमंत्री टीडी भूटिया, सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन क्षेत्री, उपाध्यक्ष पूजा सुब्बा, कर्नल सीबी थापा, कर्नल डीएस खड़का और कर्नल जीवन कुमार क्षेत्री ने आदिकवि भानुभक्त की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मीडिया प्रभारी प्रभा शाह ने भानुभक्त की सुप्रसिद्ध रचना वधुशिक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं को समाज में योग्य स्थान एवं अग्रणी पंक्ति में रखने का प्रयास किया है। कहा कि जातीय एकता, राष्ट्रीय पहचान, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रप्रेम की भावना में उनका बड़ा एवं ऐतिहासिक योगदान रहा है। वक्ताओं ने कहा कि भानुभक्त ने रामचरितमानस का नेपाली भाषा में अनुवाद किया, जिसे रामायण मार्फत का नाम दिया गया। इस मौके पर पं. गोविंद प्रसाद पंथी, भूपेंद्र अधिकारी, उमा उपाध्याय, मधुसूदन शर्मा, नीलम क्षेत्री मौजूद रहीं।