शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि केदारनाथ धाम में चार साल बाद भी आदिगुरु शंकराचार्य का समाधिस्थल नहीं बन पाया है।
यह सही नहीं है। अब जल्द आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल का निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में शासन, प्रशासन और श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से वार्ता की गई है। जून 2013 की आपदा में समाधि स्थल को व्यापक क्षति पहुंची थी।
केदारनाथ धाम से लौटते हुए यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि केदारपुरी में शंकराचार्य की समाधि का विशेष महत्व है। कहा कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दिशा- निर्देशों के तहत ही केदारनाथ में शंकराचार्य के समाधि स्थल का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने शासन, प्रशासन के प्रति रोष जताते हुए कहा कि आपदा के बाद केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य तो किए जा रहे हैं, लेकिन किसी ने भी समाधि स्थल की सुध नहीं ली है।
इस मौके पर श्रीधरानंद महाराज, कमलेश्वर के महंत आशुतोष जी महाराज, आचार्य दीपक नौटियाल, सुशीला भंडारी, गणेश भट्ट, जयदीप भट्ट, शुभम उनियाल, रोहित नैथानी, मयंक आदि मौजूद थे।