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उत्तराखंड मुख्यमंत्री के सलाहकार पर अपर सचिव का वार

Fri, 13 Jan 2017 10:42 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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ऑफिस - फोटो : demo pics
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आईएफएस संजीव चतुर्वेदी की तर्ज पर एक अपर सचिव ने भी राजनीति से जु़ड़े एक असरदार व्यक्ति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सचिव ने उन पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। मुख्य सचिव ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है।
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यह हालिया मामला मुख्यमंत्री के सलाहकार नंदन सिंह घुगत्याल से जुड़ा है। घुगत्याल के खिलाफ अपर सचिव (सचिवालय प्रशासन) विनोद प्रसाद रतूड़ी ने मुख्य सचिव से शिकायत की है। शिकायती पत्र, घुगत्याल, मुख्यसचिव और सचिवालय में इस घटनाक्रम के चश्मदीदों से मिली जानकारी के मुताबिक नए साल की शुरुआत के साथ आचार संहिता लागू होने की सुगबुगाहट चरम पर थी।

इस दौरान सचिवालय में नेताओं, अफसरों के अलावा अन्य लोगों का तांता सा लगा हुआ था। मुख्यमंत्री के सलाहकार नंदन सिंह घुगत्याल भी तमाम कार्यों के चलते सचिवालय पहुंचे। वहां चौथे तल पर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में बने अपने दफ्तर से उन्होंने अपर सचिव (सचिवालय प्रशासन) विनोद प्रसाद रतूड़ी को फोन किया। घुगत्याल ने मुख्यमंत्री आवास के कर्मचारियों को सचिवालय में समायोजित करने की फाइल की स्थिति के लिए पूछा।
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सूत्रों की मानें तो अपर सचिव ने फाइल प्रॉसेस न किए जाने की बात कही। इस पर घुगत्याल ने मुख्यमंत्री से जुड़ा मामला होने की बात कही तो अपर सचिव भड़क गए। उन्होंने इस प्रकार सीएम का नाम लेकर दबाव न बनाने की हिदायत दी। इतना कहते ही उधर से भी अंजाम भुगतने की घुड़की दी गई। सूत्रों की मानें तो दोनों के बीच टेलीफोन पर जमकर नोकझोंक हुई। इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए घुगत्याल मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के दफ्तर पहुंचे।

यहां उन्होंने अपर सचिव के व्यवहार को लेकर शिकायत की। मुख्य सचिव ने तुरंत अपर सचिव को कार्यालय बुलाया। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों में सुलह-समझौते की बात शुरू ही हुई थी कि किसी बात पर अपर सचिव ने एक बार फिर सलाहकार को आड़े हाथों ले लिया। मुख्य सचिव ने किसी तरह बीच-बचाव करके मामले को शांत कराया।

इसके बाद अपर सचिव ने मुख्य सचिव को लिखित शिकायत देते हुए सलाहकार पर अभद्रता करने और दबाव डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में रतूड़ी से उनका पक्ष जानने की कोशिश तो वे ऑन रिकॉर्ड कुछ भी कहने को तैयार नहीं हुए।

मुख्यमंत्री के सलाहकार ने किसी फाइल के बारे में जानकारी मांगी थी, जिस पर अपर सचिव नाराज हो गए। मेरे कार्यालय में आकर भी उन्होंने तेज आवाज में बात करना शुरू किया। इस तरीके से बात करने की अनुमति किसी को नहीं है। उन्होंने जो लिखित में शिकायत की है, मैं उसकी जांच करवाऊंगा।
- एस. रामास्वामी, मुख्य सचिव

मैंने अपर सचिव से फाइल करने के लिए नहीं कहा था, केवल इतना पूछा था कि फाइल का क्या हुआ। इस पर उन्होंने कह दिया कि मैंने फाइल का ठेका नहीं लिया है। मैं मुख्यमंत्री का सलाहकार हूं। कम से कम सामने वाले को बात करने की तमीज होनी चाहिए। मुख्य सचिव के कार्यालय में भी उन्होंने ऊंचे सुर में अनाप-शनाप कहा। कार्रवाई के लिए पत्र उन्होंने अपनी पेशबंदी में लिखा होगा।
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- नंदन सिंह घुगत्याल, सलाहकार (मुख्यमंत्री) 
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