- युवा संवाद कार्यक्रम में बच्चों को बताए नशे के दुष्प्रभाव
माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। नशा उन्मूलन व जन-जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि नशा व्यक्ति की सोच और आत्मबल को कमजोर करता है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें मानसिक रूप से सशक्त, नैतिक रूप से सजग व राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनाना था। राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के सदस्य ललित जोशी ने कहा कि नशे को किसी भी समस्या का समाधान समझना एक बड़ी भूल है, क्योंकि यह समस्याओं को कम करने के बजाए और बढ़ा देता है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए साफ सोच, मजबूत इच्छाशक्ति और सही निर्णय क्षमता का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एक जागरूक, अनुशासित और नशामुक्त युवा ही समाज की वास्तविक शक्ति होता है। नशे का दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर परिवार, समाज और राष्ट्र पर भी पड़ता है। वहीं, इंस्पेक्टर मनोज बिष्ट ने बताया कि आज ड्रग्स का जाल युवाओं को सोशल मीडिया, पार्टियों और गलत संगत के माध्यम से फंसाने की कोशिश करता है, इसलिए युवाओं को हर स्तर पर सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस दौरान स्कूल के शिक्षक व छात्र मौजूद रहे।