स्कूल की कैंटीन में जंक फूड परोसने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रावधानों के अनुसार जंक फूड पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव को 15 दिनों के भीतर आयोग को रिपोर्ट भेजनी होगी।
स्कूलों की कैंटीन में हाई शुगर, हाई फैट, हाई सॉल्ट वाले जंक फूड से बच्चों में टाई टू डायबिटीज, हाईपर टेंशन, डिसिल्पडेमिया, क्रॉनिक इनफ्लेमेशन और हाईपरसुलेमियां जैसी बीमारियों में बहुत अधिक बढ़ोतरी हुई है। उसके अलावा हृदय संबंधी रोगों में भी इजाफा हुआ है। इसको देखते हुए सरकार ने स्कूलों की कैंटीन में इनको परोसे जाने पर प्रतिबंध लगाया है।
15 दिन के भीतर जानकारी देने के निर्देश
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी इसकी गाइडलाइन तय की है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने उत्तराखंड समेत सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर गाइडलाइन के अनुसार प्रभावी रोक के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य सरकार को इस दिशा में उठाए गए कदम की जानकारी भी 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। स्कूलों की कैंटीन और आस-पास जंक फूड बेचने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।