एनएच-74 में किए गए 270 करोड़ के मुआवजा घोटाले में एक और पीसीएस अफसर कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। कमिश्नर डी सेंथिल पांडियन की ओर से शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर बाजपुर में तैनात रहे एक और पीसीएस अधिकारी के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई है। मामले में अभी तीन और नायब तहसीलदारों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है।
घोटाले में बाजपुर और गदरपुर तहसील की अनुपूरक रिपोर्ट मंडलायुक्त डी सेंथिल पांडियन द्वारा शासन को भेजी गई थी। इसमें बाजपुर में तैनात रहे एसडीएम तीरथ पाल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। तीरथ पाल इस समय रुद्रप्रयाग में एडीएम के पद पर तैनात हैं।
बता दें कि बाजपुर और गदरपुर में बैक डेट में सबसे अधिक 143 के जरिये भू उपयोग परिवर्तित करा कर किसानों को दस गुना अधिक मुआवजा दिया गया है। पहले चरण में जसपुर, काशीपुर और सितारगंज तहसील की जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई थी जिसमें आधा दर्जन पीसीएस अधिकारियों को निलंबित करने के साथ ही एक रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
अब बाजपुर और गदरपुर तहसील की जांच रिपोर्ट भी शासन को भेजी गई है। हालांकि राजस्व परिषद के सचिव एसएन पांडे ने बताया कि अभी उनके पास ऐसी संस्तुति के लिए कोई पत्र नहीं आया है।