हल्द्वानी में मुख्यमंत्री के वाहन पर हुए हमले के मामले में अपर पुलिस अधीक्षक समेत चार अफसरों पर गाज गिरनी तय है।
एडीजी की जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन से दो पीपीएस अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। वहीं दो निचले स्तर के अफसरों पर खुद पीएचक्यू कार्रवाई करेगा।
28 नवंबर का है मामला
हल्द्वानी में रेप के बाद एक नाबालिग बच्ची की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद 28 नवंबर को मुख्यमंत्री आहत परिजनों से मिलने उनके घर पर गए थे। उस दौरान मुख्यमंत्री के वाहन पर आक्रोशित लोगों ने हमला कर दिया था। मामले की जांच पीएचक्यू ने एडीजी अनिल रतूड़ी को सौंपी थी।
डीजीपी ने सीएम की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में एडीजी की जांच रिपोर्ट के आधार पर जो संस्तुति शासन को भेजी है, उसमें हल्द्वानी के तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर व पुलिस उपाधीक्षक जीसी टम्टा का नाम शामिल है।
इसके अलावा निरीक्षक अनिल शाह व उप-निरीक्षक राजेश कुमार पर पीएचक्यू अपने स्तर से कार्रवाई करेगा। उपरोक्त चारों पुलिस वालों को जांच में दोषी पाया गया है। रोचक बात है कि इस जांच में छोटे अफसरों पर ही गाज गिराई गई, जबकि डीआईजी रेंज व एसएसपी नैनीताल की भूमिका को स्पष्ट नहीं किया गया।
उस दिन डीएम से इजाजत लिए बिना एसएसपी के आदेश पर महिलाओं और पत्रकारों पर लाठीचार्ज किया गया था, फिर भी बड़े अफसर को बचा लिया गया।
कई स्तरों पर हुई चूक
सीएम के वाहन पर हुए हमले, पत्रकारों पर लाठीचार्ज समेत पूरे प्रकरण की जांच शासन में सचिव शैलेश बगोली ने की थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार पूरे मामले में कई स्तर पर चूक हुई थी। इस फाइल का परीक्षण करने के बाद शासन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की है।
प्रमुख सचिव गृह एमएच खान ने बताया कि जिन अफसरों ने ड्यूटी में लापरवाही की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। फिलहाल सीएम के निर्देश का इंतजार हो रहा है, इसके बाद विस्तृत जांच की कार्रवाई की गई।