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एसिड अटैक के मामलों में तत्काल मिले आधा मुआवजा: मुख्यमंत्री

Wed, 31 May 2017 03:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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trivendra singh rawat
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा की। उन्होंने विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की विस्तार से जानकारी ली।
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साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को ही मिले। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय महिला हेल्प लाइन 181 और 1098 के लिए जागरुकता फैलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एसिड अटैक जैसे मामलों में सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा तुरंत जारी कर दिया जाए। ऐसी स्थिति में विभाग द्वारा पीड़ित महिलाओं को मॉरल सपोर्ट भी दिया जाना चाहिए।

उन्होंने पिथौरागढ़ में महिला लिंगानुपात में कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ को एक चैलेंज के रूप में लिया जाए। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को क्रियान्वित करने के लिए अभियान चलाया जाए। अतिकुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में स्कूल पूर्व शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। सीएम ने कहा कि आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण इस प्रकार से किया जाए कि उनका प्रयोग बहुउद्देश्यीय भवन के रूप में प्रयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अटल पेंशन योजना से भी जोड़ा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण दिए जाने पर बल देते कहा कि महिलाओं को मसाले, हथकरघा इत्यादि का प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया जाए।

इसमें तिमलाए लिंगुड़ा आदि का अचार, स्थानीय जड़ी बूटियों से निर्मित धूप और अगरबत्ती को भी जोड़ा जा सकता है। विभाग द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं की मानीटरिंग की जानी चाहिए। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास (राज्यमंत्री) रेखा आर्य, प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी, सचिव राधिका झा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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