शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के विरोध में स्थानीय लोगों का धरना प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। लोगों ने प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने जल संस्थान के अधिकारियों पर भी प्लांट स्थापित करने के लिए भूजल से संबंधित गलत रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जल संस्थान के अधिकारियों ने प्लांट के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट फाइल कर बताया था कि क्षेत्र में पानी का स्तर 280 फीट नीचे है। जबकि, सोमवार को क्षेत्रीय लोगों ने प्लांट गेट के पास जेसीबी से गड्ढा खुदवाया तो महज आठ मीटर पर ही पानी निकल आया। कहा कि प्लांट के मुद्दे पर आज तक विधानसभा की प्राक्कलन समिति द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। प्रदेश सरकार और विभागीय अधिकारी मिलीभगत कर क्षेत्रीय लोगों के जीवन को नर्क बना रहे हैं। कहा कि यदि तीन दिन के भीतर प्लांट गेट पर तालाबंदी नहीं की जाती तो क्षेत्रीय महिलाओं को निस्तारण केंद्र के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
धरना प्रदर्शन करने वालों में सतपाल धानिया, राहुल कुकरेती, पारस थापा, रविकांत सिंघल, सीएम जोशी, दिलशाद, मीना खंडूरी, अनुपा बिष्ट, देवकी, ममता राणा, नीमा कुनियाल, संपति देवी, बिपाशा, रुक्मणी सजवाण, सुमित्रा रावत, ममता त्यागी, आशा चौहान, बीना बमराडा, कुसुम भट्ट, रजनी चतुर्वेदी, आशा रावत, आशा कंडारी, लक्ष्मी कठैत, नीमा जोशी, सुलोचना रावत, लक्ष्मी बुटोला, सुभागा बैंजबाल, इंद्रा, रेखा भट्ट, सुशीला सेमवाल, सपना शर्मा आदि मौजूद रहे।