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मासूम बेटी को बेचने का आरोप पुलिस जांच में निकला फर्जी

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देहरादून। दो साल की मासूम बेटी को बेचने की कोशिश की शिकायत सुनकर पुलिस ने एक्शन लिया तो झूठ की पोल खुल गई। महिला ने पति और एक महिला (सास) पर बेटी को बेचने का आरोप लगाया था। जांच में पता चला कि बच्ची मुजफ्फरनगर में अपने पिता और दादी के पास है। डीआईजी ने दोनों पक्षों में बातचीत कराकर सुलह कराने के निर्देश दिए हैं।
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पटेलनगर क्षेत्र की एक महिला ने मंगलवार को डीआईजी अरुण मोहन जोशी से मिलकर बताया कि मुजफ्फरनगर निवासी उसका पति 10 जुलाई 2019 को उसकी दो साल की बेटी को लेकर गायब हो गया था, तब से उसका कोई अता-पता नहीं है। इस मामले में थाने में शिकायत भी दर्ज की गई है। महिला का आरोप था कि उसे पता चला है कि पति ने उसकी बेटी को बेचने के इरादे से एक महिला के सुपुर्द किया है। महिला बच्ची को बेचने की तैयारी में है। डीआईजी जोशी ने आरोप को गंभीरता से लेकर एसओजी प्रभारी ऐश्वर्य पाल को मुजफ्फरनगर जाकर बच्ची को बरामद करने के निर्देश दिए।
एसओजी टीम रवाना होने से पहले पीड़ित महिला से मिलने उसके आवास पर पहुंची। वहीं पीड़ित महिला और आसपास के लोगों से बातचीत के बाद कहानी कुछ और ही निकली। पता चला कि महिला ने पहले पति की मौत के बाद आरोपी युवक से शादी की है। पहले पति से उसे एक बच्चा और दो लड़कियां दूसरे पति से हैं। पत्नी से आए दिन विवाद के चलते युवक दो साल की बेटी को अपने साथ ले गया था। जिस महिला को आरोपित किया जा रहा है, वो आरोपी युवक की मां है। शिकायतकर्ता की अपनी सास से भी नहीं बनती है। महिला ने अपनी बेटी को पाने के लिए कहानी को दूसरा रूप देने की कोशिश की है। एसओजी की रिपोर्ट के आधार पर डीआईजी जोशी ने महिला हेल्पलाइन के माध्यम से दोनों पक्षों को बुलाकर सुलह कराने के निर्देश दिए हैं।
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