अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्य दिए जाने से आक्रोशित लेखपालों ने कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया है। उन्होंने जल्द से जल्द रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उधर, लेखपालों के कार्यबहिष्कार के चलते आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लंबे समय से लेखपालों के पदों पर भर्ती न होने के कारण कई पद रिक्त चल रहे हैं। जिससे कई क्षेत्रों का काम भी प्रभावित हो रहा है। इसी को देखते हुए लेखपालों को अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्यभार दिया गया है। लेखपाल संघ के अध्यक्ष संगत सिंह सैनी ने बताया कि पहले से ही लेखपालों पर कार्य का दबाव है और ऐसे में अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्य दिए जाने से यह दबाव और बढ़ गया है। वर्ष 2004 में आखिरी बार लेखपालों की भर्ती की गई थी। तब से कोई भर्ती न होने के कारण आधे से अधिक पद रिक्त चल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ये बहिष्कार शासन की ओर से लेखपाल भर्ती से संबंधित वार्ता के बाद ही खत्म किया जाएगा। लेखपालों के कार्यबहिष्कार के कारण सेवा का अधिकार, सीमांकन, भूमि जांच, पेंशन से संबंधित सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। केवल स्वामित्व और आपदा से संबंधित कार्य ही किए जा रहे हैं।
निराश होकर लौट रहे लोग
जाति प्रमाण पत्र बनवाने आए रोहन नेगी ने बताया कि 15 दिनों से तहसील के चक्कर लगा रहा हूं। लेकिन हर बार निराश होकर जाना पड़ रहा है। लेखपालों की हड़ताल चल रही है। ऐसे में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 68 वर्षीय बुजुर्ग रामपाल ने बताया कि हमारा जमीन का मामला चल रहा है। इसमें तहसीलदार ने भूमि निरीक्षण के लिए लेखपाल को पत्र दिया था, लेकिन हड़ताल के चलते लेखपाल निरीक्षण करने नहीं आ रहे हैं।
आमजन की सुविधाओं के लिए सभी प्रमाण पत्र संबंधी कार्य अमीनों को दे दिए गए हैं। कोशिश रहेगी कि लोगों को ज्यादा परेशान न होना पड़े।
सोहन सिंह रांगड़, तहसीलदार सदर, देहरादून
लेखपालों की मांग से राजस्व परिषद को अवगत करा दिया गया है। इस संबंध में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
सोनिका, जिलाधिकारी, देहरादून