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असली रेखा आई कोर्ट में तो सामने आया सच, डॉक्टर गिरफ्तार

सार

रेखा नामक दो महिलाओं के सामने आने के बाद मामला पेचीदा हो गया था।
हाईकोर्ट ने असली रेखा की पहचान कराने के लिए कड़ा रुख अपनाया था।
दून पुलिस ने याचिका दायर करने वाली रेखा को कोर्ट में पेश किया जिसके बाद सच्चाई सामने आ गई।
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अदालत - फोटो : file photo
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विस्तार
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पिछले दिनों देहरादून में नाबालिग के गर्भपात और आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने संबंधी मामले में पुलिस ने आरोपी चिकित्सक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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पिछले दिनों देहरादून में नाबालिग के गर्भपात मामले में रेखा नामक दो महिलाओं के सामने आने के बाद मामला पेचीदा हो गया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में वाद दायर करने वाली रेखा व असली महिला रेखा की पहचान कराने के लिए कड़ा रुख अपनाया था।

इस प्रकरण में हाईकोर्ट ने रेखा नामक एक महिला की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद रेखा नामक एक अन्य महिला ने हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत होकर बताया था कि उसने ऐसी कोई भी याचिका न्यायालय में दाखिल नहीं की है। 
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इसके बाद मामले की सत्यता की जांच के लिए हाईकोर्ट ने देहरादून पुलिस को याचिका दायर करने वाली पहली रेखा को गिरफ्तार कर चार जनवरी को न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए थे।

क्या था असली और नकली रेखा का मामला?

रेप
बताते चलें कि 30 मई 2015 को एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि डॉ. रेखा गुप्ता द्वारा उनकी नाबालिग बेटी का गर्भपात कराया गया है। मामले में डॉक्टर होने का दावा करने वाली डॉ. रेखा रानी नाम की महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।

बाद में जांच के दौरान पता चला कि जिस महिला की गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई है वह असली डॉ. रेखा गुप्ता नहीं है और न ही उसके द्वारा हाईकोर्ट में कोई याचिका दायर की गई है।

हाईकोर्ट के निर्देश पर देहरादून पुलिस ने याचिका दायर करने वाली रेखा नामक महिला को कोर्ट में पेश किया जिसके बाद मामले की सच्चाई सामने आ गई।
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कोर्ट में महिला ने बताया रेखा का सच

कोर्ट
याचिका दायर करने वाली महिला ने कोर्ट को बताया कि उसका असली नाम रेखा रानी नहीं बल्कि यास्मीन उर्फ रेखा रानी है। जिसके बाद कोर्ट ने क्लीनिक संचालक डॉ. एसडी गुप्ता, डॉ. रेखा गुप्ता और यास्मीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई। पुलिस ने मंगलवार को मामले के आरोपी डॉ. एसडी गुप्ता को गिरफ्तार कर सीजेएम न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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