लोगों ने दिक्कतें उठाकर आधार कार्ड तो बनवा लिया, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं कर पा रहे।
खास तौर पर डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर आन एलपीजी यानी डीबीटीएल का फायदा चाहने वाले लोगों के साथ यह दिक्कत बनी हुई है। कई लोगों ने अपने नाम पर कनेक्शन होने के बावजूद फार्म के साथ आधार कार्ड अपनी पत्नी का नत्थी कर दिया है। गैस एजेंसियां इस तरह के आवेदनों से परेशान हैं।
उत्तराखंड एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चमन लाल के मुताबिक इस तरह के चार-पांच केस आ रहे हैं। फिलहाल ऐसे फार्म रिजेक्ट किए जा रहे हैं। ग्राहकों को इस संबंध में सूचित क्यों नहीं किया जा रहा? सवाल पर वह कहते हैं कि गैस एजेंसियों पर काम का बहुत बोझ है। ग्राहक संपर्क करते हैं तो उन्हें इस संबंध में अवगत कराया जा रहा है।
एसएमएस का इंतजार नहीं, बैंक से कनफर्म करें
अगर आपको सब्सिडी के बैंक खाते में ट्रांसफर होने के कनफर्मेशन के लिए वहां से एसएमएस का इंतजार है तो ऐसा न करें। बैंक जाकर कनफर्म करें। कई बैंकों में 5 हजार रुपए से कम के लेन-देन पर एसएमएस भेजने की व्यवस्था नहीं।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को ही लें, 5 हजार रुपए निकालेंगे या इतनी ही राशि खाते में डालेंगे तो ही बैंक की तरफ से लेन-देन का एसएमएस आएगा।
एजेंसी पर जाकर ठीक करा लें अपना नाम, खाता संख्या
सब्सिडी कई ग्राहकों को एजेंसी के चक्कर कटा रही है। एजेंसी वालों के खाते में सब्सिडी पहुंचने कादावा किए जाने के बावजूद वह इसके न मिलने की शिकायत कर रहे हैं।
पीएनबी के आरडी डोभाल के मुताबिक अगर नाम या खाता संख्या गलत लिखे जाने की वजह से यह गड़बड़ी हुई है तो गैस एजेंसी के पास जाकर शिकायत कराई जा सकती है। वहीं से इसमें परिवर्तन कराकर अपडेशन किया जा सकता है।