फायर फाइटर (दमकल कर्मी) के लिए राज्य में एक विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी। ताकि, अग्निकांड और रेस्क्यू के कामों में दमकलकर्मी और भी अधिक कुशलता के साथ काम कर सकें। यह घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पुलिस लाइन में हुए अग्निशमन सप्ताह के कार्यक्रम में की।
इस दौरान उन्होंने भीमताल, द्वाराहाट, गौचर, पुरोला और सहस्रधारा में नए फायर स्टेशन खोलने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ऑल इंडिया फायर सर्विस गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया। इसके अलावा फायर सर्विस के लिए आए 20 नए फायर टेंडरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। इसके लिए रक्षा उपकरणों का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड अग्निशमन के लिए 71 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
वर्तमान में 18 फायर स्टेशनों का निर्माण और फायर इमरजेंसी से निपटने के लिए विश्वस्तरीय उपकरणों को खरीदने की प्रक्रिया भी चल रही है। इसी क्रम में अग्निशमन कर्मियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक फायर सूट भी खरीदे गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि अग्निशमन कर्मियों का काम बेहद कठिन होता है, लेकिन वह अपनी जान की परवाह न करते हुए लोगों की जान बचाने में आगे रहते हैं।
उत्तराखंड बनने से अब तक फायर सर्विस ने 53 हजार करोड़ से अधिक की संपत्तियों को जलने से बचाया है। इसके अलावा 27 हजार से अधिक मनुष्यों और लगभग सात हजार पशुओं का जीवन भी बचाया है। अब महिलाएं भी फायर फाइटर के तौर पर अपनी सेवाएं देकर प्रदेश को गौरवान्वित कर रही हैं।
प्रयागराज कुंभ में सेवा देने वालों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपये
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ में सेवाएं देने वाले फायरकर्मियों के लिए भी घोषणा की। उन्होंने इन कर्मचारियों को 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया फायर सर्विस गेम्स में पदक जीतने वाले सात कर्मचारियों को सम्मानित किया। साथ ही गृह मंत्रालय, भारत सरकार के डीजीएफएस डिस्क मेडल विजेता दो अग्निशमन कर्मियों को डिस्क पहनाकर सम्मानित किया।
फायर स्टेशनों की होगी मैपिंग और दूरस्थ क्षेत्रों में भी होगा निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण में फायर स्टेशन भवन का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही 78 से अधिक आवासों का निर्माण भी हो रहा है। राज्य सरकार ने जनपद हरिद्वार के बहादराबाद फायर स्टेशन को भी स्वीकृत किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप शासन स्तर पर फायर स्टेशनों की मैपिंग की जा रही है। इसके बाद दूरस्थ क्षेत्रों में फायर स्टेशन खोले का सकेंगे। कहा कि बीते वर्ष केदारनाथ, टनकपुर, खटीमा, अराकोट और रैणी में आई आपदाओं में फायर सर्विस के कर्मचारियों ने लगन और समर्पण के साथ अपना कार्य किया। पिछले वर्ष वनाग्नि से वन संपदा, वन्य जीवों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा था। ऐसी आपदा की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए वन विभाग के साथ ही अग्निशमन विभाग को भी तत्परता के साथ काम करने का आह्वान किया। आगामी चारधाम यात्रा में भी अग्निशमन सेवा की भूमिका बेहद अहम होगी।
अग्निशमन सेवा ने पहली बार किया बचाव का प्रदर्शन
अग्निशमन सेवा की ओर से पहली बार पुलिस लाइन में अग्निकांड पर काबू करने और बचाव कार्य का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान एक बहुमंजिला होटल में आग से किस तरह बचाव किया जाता है इसे भी दर्शाया गया। इसके अलावा फैक्ट्री में केमिकल रिसाव से अग्निशमन कर्मचारी किस तरह लोगों की जान बचाते हैं उसे भी बखूबी प्रदर्शित किया गया। इस दौरान महिला फायरकर्मियों की ऊर्जा देखते ही बन रही थी। महिला फायर फाइटर ने बड़े फायर टेंडर को चलाने में अपनी दक्षता का परिचय दिया। कार्यक्रम में गृह सचिव शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ, उत्तराखंड सेवा आयोग के अध्यक्ष रवि दत्त गोदियाल, आईजी फायर सर्विस मुख्तार मोहसिन, डीआईजी फायर सर्विस निवेदिता कुकरेती आदि पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।