दून विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय की ओर से हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विवि के सहयोग से ओपन एक्सेस पब्लिशिंग पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा, ओपन एक्सेस जर्नल्स (सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जर्नल्स) से नए शोध करने वालों को मदद मिलेगी।
कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा, शोधकर्ता ओपन एक्सेस जर्नल्स में प्रकाशन करके अपनी दृश्यता और प्रशस्ति पत्र प्रभाव को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकते हैं। उन्होंने भारत में ओपन एक्सेस मूवमेंट का पुरजोर समर्थन किया और अधिक अकादमिक प्रसार और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इस मॉडल को अपनाने की बात कहीं। कार्यशाला में देश भर के 20 संस्थानों के शोध विद्वानों, अकादमिक पेशेवरों और पुस्तकालय विशेषज्ञों सहित 100 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।
विवि के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार ने शिकारी पत्रिकाओं, ओपन एक्सेस जर्नल्स की निर्देशिका और ओपन जर्नल सिस्टम के बारे में बताया। कार्यशाला में छात्र कल्याण के डीन प्रो. एचसी पुरोहित, हिमाचल प्रदेश के केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. शिवराम राव, आईआईटी दिल्ली के डॉ. मोहित गर्ग, डॉ. अरविंद आर. नायर आदि मौजूद रहे।