राजकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में बीते साल रोकी गई प्रोन्नति प्रक्रिया को एक बार फिर खोल दिया गया है। लेकिन नाराज शिक्षकों का आरोप है कि प्रोन्नति के नियमों में बदलाव किए गए हैं, जिसके चलते सैकड़ों शिक्षक प्रोन्नति का लाभ नहीं ले पाएंगे।
दरअसल कॅरिअर एडवांस स्कीम (सीएएस) के तहत महाविद्यालयों में शिक्षकों की चार लेवल में प्रोन्नति की जाती है। बीते साल 16 दिसंबर को इसे रोक दिया गया था। शिक्षकों का कहना है कि शासन की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 2010 नियमावली के तहत प्रोन्नति में रोक लगाई थी। लेकिन इस बार खोली गई प्रोन्नति में 2018 नियमावली को लागू किया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग की प्रभारी निदेशक डॉ. अंजु अग्रवाल की ओर से जारी पत्र में लिखा गया है कि महाविद्यालयों में लेवल-11, 12 एवं 13 ए के शिक्षकों की प्रोन्नति की जाएगी। लेकिन शिक्षकों का कहना है कि नियमों में किए गए बदलाव से सैकड़ों शिक्षक प्रोन्नति का लाभ नहीं ले पाएंगे। यह पूरी तरह से यूजीसी की गाइडलाइन के विरुद्ध है।
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Iप्रोन्नति के नियम पूरी तरह से यूजीसी की नियमावली के हिसाब से बनाए गए हैं। उन ही नियमों के तहत स्क्रीनिंग कमेटी शिक्षकों के प्रोन्नति पर फैसला करेगी। प्रोन्नति को खोलने के लिए पूरी तरह से यूजीसी की गाइडलाइन का पालन किया गया है। - डॉ. अंजु अग्रवाल, प्रभारी निदेशक, उच्च शिक्षा विभागI