फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाई में गिरने से ग्रामीण की मौत , पुलिस ने 12 घंटे बाद शव को निकाला

Mon, 10 Apr 2017 06:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थराली
विज्ञापन
विज्ञापन
हरमनी से पैदल गांव पैनगढ़ जा रहे ग्रामीण अनुसूया प्रसाद सती(48) पुत्र धर्मानंद सती की खाई में गिरने से मौत हो गई। राजस्व पुलिस घटना के 12 घंटे बाद शव को खाई से निकाल पाई। जिसके बाद शव का पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक मृतक पैनगढ़ निवासी अनुसूया प्रसाद सती एक अन्य ग्रामीण उमा प्रसाद के साथ गांव जा रहा था। इस दौर पैनगढ़ और सुनाऊं के मध्य पैदल मार्ग पर बछिरीयाणा के पास अनुसूया का पैर फिसल गया। 

करीब ढाई सौ मीटर गहरी खाई में अनुसूया के गिरने की सूचना साथ में चल रहे ग्रामीण उमा प्रसाद ने ग्रामीणों को दी। जिसके बाद तहसील प्रशासन ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा। 
विज्ञापन


लेकिन चट्टानी भाग होने से ग्रामीण और तहसील प्रशासन खाई में नहीं उतर पाए। सुबह पांच बजे रेसक्यू टीम पिंडर नदी के दूसरे छोर से नदी पार कर घटनास्थल पहुंची।  जिसके बाद सुबह आठ बजे शव को नदी में रस्सी लगाकर निकाला गया। 

नायब तहसीलदार सुदर्शन सिंह बुटोला ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया है। रेसक्यू टीम में राजस्व पउपनिरीक्षक सीएस बुटोला, जयकृत रावत, होमगार्ड के पीसी प्रकाश शर्मा, अवतार राणा, हरेंद्र सिंह आदि शामिल थे। 
विज्ञापन

घास लेकर लौट रही बालिका लस्तर नदी में बही 

बांगर पट्टी के गैठाणा गांव में एक 11 वर्षीय बालिका पैर फिसने से लस्तर नदी में बह गई। परिजनों व ग्रामीणों द्वारा खोजबीन की जा रही है। लेकिन बालिका का सुराग नहीं लग पाया है।

रविवार को दोपहर बाद गैंठाणा गांव निवासी भरत लाल की पुत्री करिश्मा व करीना घर से करीब 5 सौ मीटर दूर घास लेने गई थी। शाम पांच बजे घास के गठ्ठे सिर में रखकर वापस लौट रही थी। इस दौरान सिलानामी तोक के समीप नदी को पार करने लगे। 

करीना तो दूसरे छोर पर पहुंच गई। लेकिन पीछे से आ रही करिश्मा पत्थर में पैर रखते हुए अनियंत्रित होकर नदी में गिरकर बह गई। यह देख, उसकी बहन जोर से चिल्लाने लगी। वह दौड़कर गांव पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।

 इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लेकिन सोमवार शाम तक भी सुराग नहीं लग पाया। इधर, जिला पंचायत सदस्य पंवार ने बताया कि घटना के बारे में तहसील प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन को भी अवगत करा दिया गया है। 

हादसे के बाद से बालिका की मां रो-रोकर कई बार बेहोश हो गई है। बता दें कि बीते 26 मार्च को रुद्रप्रयाग के निकट निरवाली गांव में दो भाई-बहन भी अलकनंदा नदी में बह गए थे। जिसमें बालिका का शव छह दिन बाद मिल गया था। लेकिन अभी तक 16 वर्षीय साहिल का पता नहीं लग पाया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें