टमाटर की कीमतों में अचानक आई भारी गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, दूसरी ओर हरे धनिए के भाव आसमान छू रहे हैं। रविवार को साहिया मंडी में जहां टमाटर 1500 रुपये से लुढ़ककर एक हजार रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया तो वहीं हरा धनिया 20 हजार रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गया। टमाटर के दाम गिरने से उत्पादकों को तगड़ा झटका लगा है।
इन दिनों जौनसार-बावर क्षेत्र से टमाटर और हरे धनिया की उपज बड़ी मात्रा में साहिया कृषि मंडी पहुंच रही है। कुछ दिन पहले तक टमाटर 1500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रहा था, लेकिन अचानक इसमें 500 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। टमाटर के दाम गिरने से किसान मुश्किल में आ गए हैं। स्थानीय किसान सुरेंद्र सिंह, बलबीर सिंह और राजपाल सिंह ने बताया कि टमाटर इस क्षेत्र की मुख्य नकदी फसल है। यदि इसके दाम बढ़ते तो किसानों को अधिक आर्थिक लाभ मिलता।
धनिए के भाव दोगुने, किसानों को राहत
टमाटर के उलट, हरा धनिया इस बार लगातार रिकॉर्ड बना रहा है। स्थानीय मंडी में कुछ दिन पहले तक 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला हरा धनिया अब उछाल मारकर 20 हजार रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है।
बेंगलुरु के टमाटर ने घटाई पहाड़ की मांग
कृषि मंडी उत्पादन समिति के उपाध्यक्ष मनोज पंवार और व्यापारी सुशील अग्रवाल ने बताया कि इस समय बेंगलुरु से बड़े पैमाने पर टमाटर दिल्ली, अहमदाबाद, गुरुग्राम, देहरादून, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा समेत देश की अन्य प्रमुख मंडियों में पहुंच रहा है। बाहरी राज्यों से आवक अधिक होने के कारण पहाड़ के टमाटर की मांग घट गई है। यही वजह है कि स्थानीय किसानों को अपनी उपज का कम दाम मिल रहा है। दूसरी तरफ, देशभर में हरे धनिए की लगातार मांग बनी रहने के कारण इसके भाव में तेजी बनी हुई है।