वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में शनिवार को इंस्टीट्यूटशन ऑफ इंजीनियर्स उत्तराखंड केंद्र देहरादून के सहयोग से हिमालयी राज्य में सड़क अवसंरचना एक चुनौती विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें हिमालयी क्षेत्र में सड़क अवसंरचना के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि राज्य के विकास के लिए सडकों के निर्माण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। आईआईटी रुड़की के प्रो. इंद्रजीत घोष ने कहा कि सड़क सुरक्षा में विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में जागरूकता लानी होगी। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन, ट्रैफिक कंट्रोल के लिए सिग्नल व्यवस्था नहीं होना और ट्रैफिक नियमावली की जानकारी नहीं होना आदि दुर्घटनाओं के कारण बनते हैं। वाहनों को तेज गति से चलाना भी इसका कारण बनता है। देहरादून केंद्र के चेयरमैन इंजीनियर नरेंद्र कुमार यादव ने हिमालयी क्षेत्र के संदर्भ में सड़कों और राजमार्गों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र, शहर, कस्बा और गांवों की प्रगति के लिए अच्छी गुणवत्ता की सड़कों का निर्माण जरूरी है। कार्यक्रम में डॉ. प्रशांत अग्रवाल ने भी विचार रखे। इस मौके पर महिला प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डॉ. मनोज कुमार पांडा, डॉ. स्वाति सिंह राजपूत, एचके उप्रेती आदि मौजूद रहे।