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Dehradun News: पीएसीएल से जुड़ी भूमि की रजिस्ट्री पर नया विवाद

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Iउप निबंधक की शिकायत पर शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्जI
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आमवाला तरला क्षेत्र में पीएसीएल की भूमि की रजिस्ट्री के मामले में नया विवाद सामने आया है। उप निबंधक तृतीय रिया वर्मा की शिकायत पर शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।



रिया वर्मा की ओर से पुलिस को बताया गया कि खराती लाल कुकड़ ने जिलाधिकारी को एक शिकायत भेजी थी। इसमें विलेख संख्या 8614/2025 और 8615/2025 के पंजीकरण पर आपत्ति जताई गई थी। जिलाधिकारी ने पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, जिसके बाद उप निबंधक कार्यालय ने 16 फरवरी को अपनी आख्या प्रस्तुत की। जांच में सामने आया कि पंजीकरण के समय क्रेता और विक्रेता की ओर से यह नहीं बताया गया था कि संबंधित संपत्ति पीएसीएल से जुड़ी है। दस्तावेजों में भी इसका कोई उल्लेख नहीं था। इसलिए जमीन का विधिवत पंजीकरण कर दिया गया। पंजीकरण के समय सभी पक्षकार कार्यालय में उपस्थित थे और उन्होंने संपत्ति को विवाद रहित बताते हुए रजिस्ट्री कराई थी। साथ ही सर्किल रेट के अनुसार स्टांप शुल्क भी जमा किया था।
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बाद में एक और शिकायतकर्ता अंकित ने लिखित शिकायत देकर बताया कि आमवाला तरला की जिस भूमि की रजिस्ट्री की गई है, उस पर आरएम लोढ़ा समिति और उच्च न्यायालय की ओर से पीएसीएल प्रकरण में रोक लगी है। इसके बाद उप निबंधक कार्यालय ने तहसीलदार (सदर) देहरादून को पत्र भेजकर उक्त खसरों की जांच करने और दाखिल-खारिज निरस्त करने का अनुरोध किया। अधिकारियों का कहना है कि पक्षकारों ने सही जानकारी छिपाकर नियमों के विपरीत पंजीकरण कराया है। इसी आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर कोतवाली प्रभारी हरिओम राज चौहान ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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बता दें कि पीजीएफ और पीएसीएल की कुछ संपत्तियां विवादित थीं। ऐसे में वर्ष 2015 में सीबीआई की जांच के बाद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर देशभर में पीजीएफ की 348 और पीएसीएल की 14000 संपत्तियों को सील कर दिया गया। देहरादून के विभिन्न इलाकों में भी पीजीएफ और पीएसीएल की सील संपत्तियां हैं। देहरादून में भाऊवाला, धोरणखास, तरला आमवाला, बड़ोवाला व मसूरी में सील संपत्तियां हैं।
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