प्रेमनगर में ठाकुर रोड स्थित कैंट बोर्ड के ट्रंचिंग ग्राउंड में शीशमबाड़ा की तरह कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है, जो आसपास के लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। इस कूड़े को पहाड़ को हटाने के लिए कैंट बोर्ड की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। निस्तारण न होने से पहाड़ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
दरअसल, कैंट बोर्ड का प्रेमनगर ठाकुरपुर रोड पर सालों पुराना ट्रंचिंग ग्राउंड हैं। यहां करीब 50 से 60 टन कूड़ा रोज एकत्रित किया जाता है। पहले यहां आबादी नहीं थी, लेकिन वर्तमान में इसके आसपास घनी आबादी बस गई है। दो साल पहले कैंट बोर्ड ने एक कंपनी को कूड़ा निस्तारण का ठेका दिया था, जिससे पहाड़ कुछ कम हो गया था। अब कंपनी का अनुबंध खत्म हो चुका है। इससे पिछले एक साल से यहां कूड़ा निस्तारण का काम भी बंद पड़ा है।
कूड़े के ढेर से मीट, कचरा आदि पक्षी और कुत्ते उठाकर लोगों के घरों में ले जाते हैं। इसके अलावा बदबू से भी लोग परेशान हैं। स्थानीय लोग कई सालों से इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक इसे दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जा सका।
Iआवारा पशुओं ने जमाया डेराI
पहले ट्रंचिंग ग्राउंड के चारों और दीवार थी, लेकिन इसका कुछ हिस्सा बल्लूपुर पांवटा हाईवे की जद में आ गया। इसके कारण एनएच ने यहां दीवार तोड़ दी। दीवार न होने के कारण अब यहां आवारा पशुुओं ने भी ढेरा जमा लिया है। इससे लगातार दुर्घटनाएं भी हो रही है, लेकिन कैंट बोर्ड मौन साधे हुए है।
Iट्रंचिंग ग्राउंड मुसीबत बन चुका है। आसपास घनी आबादी है। पशु-पक्षी यहां से मीट के टुकड़े लेकर लोगाें के घरों में डाल दे रहे हैं। इसके अलावा बदबू से भी लोग परेशान हैं। जल्द इसे दूसरी जगह शिफ्ट करना चाहिए।
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I- तीरथ सिंह रावत, स्थानीय निवासी
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Iवर्तमान में एनएच की ओर से यहां कूड़े को एकत्रित कर पहाड़ बना दिया है। आसपास घनी आबादी है। आग जैसी घटना अगर घटती है तो इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
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I- बीरू बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता
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Iट्रंचिंग ग्राउंड में महीनों से कूड़े का निस्तारण बंद हैं। इस मामले को कैंट बोर्ड की बैठक में उठाया जाएगा और कूड़े के निस्तारण के लिए उचित कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।
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I- विनोद पंवार, नामित सदस्य, कैंट बोर्डI