केदारनाथ में आई आपदा को करीब डेढ़ महीना बीत गया है लेकिन जम्मू निवासी श्यामलाल गुप्ता और उनकी पत्नी का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। ताऊ, ताई और मामा की खोज में ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रही उनकी भतीजी नेहा अभी भी अस्पतालों, सचिवालय और आपदा के मिसिंग सेल का चक्कर काट रही है। हर तरफ से उनको मायूसी ही हाथ लग रही है।
चारधाम यात्रा पर सरवाल, जम्मू से श्याम लाल गुप्ता अपनी पत्नी नीलम गुप्ता और नेहा के मामा अखनूर निवासी रूपेश चंद्र के साथ 8 जून को जम्मू से हरिद्वार के लिए निकले थे। नेहा ने बताया कि 9 जून की सुबह उनके ताऊजी, ताईजी, मामा शिवदाम ट्रेवल्स एजेंसी हरिद्वार की बस से चारधाम के लिए निकले थे पर आपदा के बाद उनका कोई पता नहीं चल सका। नेहा ने बताया कि 15 जून की दोपहर 2 बजे अंतिम बार उनके ताऊजी श्यामलाल गुप्ता की उनकी बड़ी बहन मोनिका गुप्ता से फोन पर बात हुई थी।
उनकी कोई खबर नहीं आई
तब उन्होंने बताया था कि केदारनाथ के दर्शन कर लिए हैं और 16 जून को वापसी करेंगे। आपदा आने के बाद से उनकी कोई खबर नहीं आई। उनके पिता हर अस्पताल, राहत कैंप में जाकर देखकर आ गए हैं लेकिन पता नहीं चल सका है। नेहा ने बताया कि उनके साथ करीब 80 लोगों का ग्रुप था। जिसमें से करीब 20 लोग सुबह 6 बजे दर्शन करने के बाद लौट आए। उनको भी उनके परिजनों का पता नहीं है।
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