उत्तरकाशी में सड़क निर्माण में रोड़ा बने हरे पेड़ों के कटान के मामले में दो मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें 96 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें 96 लोगों को नामजद किया गया है। वन विभाग ने मामले में दो वन रक्षकों को भी जिम्मेदार मानते हुए निलंबित कर दिया है।
अपर यमुना वन प्रभाग के डीएफओ के अवकाश होने पर प्रभारी के तौर पर यहां तैनात टौंस के डीएफओ संजीव कुमार ने अवैध कटान के मामले में 66 ग्रामीणों को नामजद कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, जबकि सिविल वन में अवैध कटान के मामले में पुरोला राजस्व पुलिस ने 30 लोगों को नामजद कर मुकदमा दर्ज किया है।
700 से ज्यादा पेड़ काटे
बता दें कि डेढ़ दशक से सरबडियार में सड़क के लिए लोनिवि और वन विभाग के चक्कर काट-काट कर थक चुके क्षेत्र के आठ गांवों के लोगों का धैर्य मंगलवार को जवाब दे गया था। सिस्टम से खफा लोगों ने पंटागणी में करीब 100 और बडियार में 600 से ज्यादा सड़क निर्माण में आड़े आ रहे हरे पेड़ों का स्वयं ही सफाया कर दिया था। 2.5 किमी वन भूमि और 9.5 किमी फारेस्ट क्लीयरेंस में अटकी 12 किमी स्वीकृत सड़क निर्माण में 4.284 हेक्टेयर वन भूमि आ रही है।
यह मामला अभी लोनिवि और वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से राज्य के नोडल अधिकारी स्तर से आगे नहीं बढ़ पाया था। इस स्थिति से खफा होकर ग्रामीणों ने स्वयं कानून अपने हाथ में लेने का निर्णय लिया। बड़कोट के एसडीएम राजकुमार पांडे ने बताया कि काटे गए 159 हरे पेड़ों में 24 पेड़ बांज के थे।