ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। वर्ष 1971 के युद्ध के नायक जनरल हणुत सिंह की राजपुर स्थित समाधि स्थल से सील हटाने के बाद बुधवार को वहां सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के आदेश पर करीब चार साल बाद नगर निगम ने सील हटाई। अब हणुत के अनुयायी किसी भी वक्त समाधि के दर्शन कर सकते हैं।
जनरल हणुत सिंह राठौर सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद राजपुर में बाला शिवयोगी के आश्रम आए थे। यहां वे बाला शिव योगी के सानिध्य में रहने लगे। इस पर महाराज बाला शिव योगी ने उन्हें आश्रम के पीछे भूमि दी। जहां वे मकान बनाकर आध्यात्म में लगे रहे। जनरल को भूमि का यह हिस्सा देने से कुछ लोग नाराज हुए और कहा कि यह जमीन नगर निगम की है। इसके अलाव कई अन्य आरोप भी लगाए। इस पर जनरल ने खुद निगम से पत्राचार किया और यहां रहने की अनुमति मांगी। निगम ने उन्हें यहां रहने की अनुमति दी। बावजूद इसके लोगों का विरोध जारी रहा। 11 अप्रैल 2015 को जनरल का महाप्रयाण (स्वर्गवास) हो गया। उनके अनुयाइयों ने इसी स्थान पर जनरल की समाधि बनाई। इस पर पहले विरोध जताने वाले लोगों ने फिर विवाद शुरू कर दिया। इसे देखते हुए निगम ने समाधि स्थल सील कर दिया। इसके बाद फिर विवाद शुरू हुआ और बात जोधपुर (राजस्थान) घराने तक पहुंची। वहां से राजपरिवार ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखकर समाधि स्थल की सील खुलवाने का आग्रह किया। उसके बाद मंगलवार को सीएम ने सील खोलने के आदेश दिए और जनरल को पुष्पांजलि अर्पित की।