ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। त्रिवेंद्र सरकार की पहल पर पहली बार सरकारी क्षेत्र में आयोजित हो रहे अखिल भारतीय ड्रोन फेस्टिवल की तैयारियां पूरी हो गई हैं। अब तक देशभर से ड्रोन तकनीक में रुचि रखने वाले 375 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
सूचना प्रौद्योगिकी विकास अभिकरण और ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर की ओर से संयुक्त रूप से 26 व 27 फरवरी को सहस्त्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क में ड्रोन फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। इसके लिए आईटीडीए ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सरकार की पहल पर उत्तराखंड में यह अपने तरह का पहला फेस्टिवल है। जिसमें देशभर से ड्रोन बनाने वाली कंपनियां और इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे सरकारी विभागों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। सरकार का मानना है कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा, वन, अग्निशमन, कृषि, खनन, राजस्व विभाग में मैपिंग और निगरानी के लिए ड्रोन तकनीकी की काफी संभावना है। ड्रोन कंपनियों के इस क्षेत्र में निवेश करने से रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। कंपनियों को प्रोत्साहित करने व निवेश की संभावनाओं से अवगत कराने के लिए सरकार की तरफ से यह पहल की जा रही है।
सूचना प्रौद्योगिकी विकास प्राधिकरण (आईटीडीए) के निदेशक अमित सिन्हा का कहना है कि ड्रोन फेस्टिवल में शामिल होने के लिए देशभर से 375 लोग ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। इसके अलावा 50 विशेषज्ञों और कंपनियों ने ड्रोन प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराया है। फेस्टिवल में कंपनियों की ओर से विभिन्न प्रकार के ड्रोन स्टॉल लगाए जाएंगे। इसमें 10 स्टॉलों की बुकिंग हो चुकी है।
प्रथम रहने वाले को एक लाख का पुरस्कार
अखिल भारतीय ड्रोन फेस्टिवल में ड्रोन की पांच अलग-अलग श्रेणियों की प्रतियोगिता हाेंगी। इसमें ड्रोन दौड़, इमेज एनालिसिस, धनवंतरी, ड्रोन पे लोड चैलेंज, फ्लाइंग आइज शामिल है। प्रत्येक श्रेणी की प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार एक लाख और द्वितीय पुरस्कार पांच हजार रुपये का दिया जाएगा।