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अब गांधीगीरी पर उतरे निजी अस्पताल संचालक

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अब गांधीगीरी पर उतरे निजी अस्पताल संचालक
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन और वन टाइम सेटलमेंट स्कीम में छूट की मांग को लेकर अपने अस्पतालों में तालाबंदी करने वाले संचालक अब गांधीगीरी पर उतर आए हैं। उन्होंने दून अस्पताल के पास मुफ्त ओपीडी लगाकर मरीजों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही मांग पूरी न होने तक तालाबंदी जारी रखने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को डॉ. राकेश गोयल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने दून अस्पताल के पास मुफ्त ओपीडी लगाई और मरीजों की जांच की। डॉ. लतिका जोशी, डॉ. हेम जोशी, डॉ. रेखा श्रीवास्तव, डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ. निधि छाछरा, डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. हिमांशु काला ने मरीजों की जांच की। उन्होंने कहा कि मरीजों को दिक्कत न हो, इसलिए वह मुफ्त ओपीडी जारी रखेंगे। कई मरीजों का उनके यहां लंबे समय से उपचार चल रहा है। ऐसे ही कई मरीजों को इमरजेंसी उपचार की जरूरत पड़ती है। उनकी सुविधा के लिए वह मुफ्त ओपीडी कर रहे हैं।
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आईएमए के प्रदेश सचिव डॉ. डीडी चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य सचिव से वार्ता के दौरान उन्होंने एक्ट में संशोधन पर सहमति जताई थी। कैबिनेट में प्रस्ताव लाने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अब सरकार इससे पलट गई है। उनके अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में तालाबंदी जारी रहेगी।
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