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गोदाम के खाद्यान्न की होगी जांच

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गोदाम के खाद्यान्न की होगी जांच
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राशन की कालाबाजारी पकड़े जाने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग में मामले को दबाने में जुट गया है। बात फिर से गोदाम की जांच पर आकर अटक गई है। पहले भी कई बार इस तरह के मामले सामने आए और गोदाम की जांच हुई, मगर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। अब विभागीय अधिकारी का कहना है कि वे गोदाम में आने वाले और आवंटित राशन की जांच करेंगे ताकि इस राशन का पता लगाया जा सके कि यह राशन कहां से लाया जा रहा था। बता दें कि इससे पहले टीपीनगर राशन गोदाम से बडे़ स्तर पर राशन गायब होने का मामला उजागर करते हुए अमर उजाला ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए थे।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार रात क्लेमेंटटाउन पुलिस ने टर्नर रोड पर वाहन में ले जाते हुए राशन के 30 कट्टे पकड़े थे। उनमें चावल भरे थे। इस दौरान जब चालक से पूछताछ की गई तो न तो उसके पास राशन से संबंधित दस्तावेज मिले न ही वह संतोषजनक जवाब ही दे पाया था। पुलिस की सूचना पर मौके पर पहुंचे सप्लाई इंस्पेक्टर विभूति जुयाल को बुलाकर राशन उनकी सुपुर्दगी में दे दिया गया। बताया जा रहा है कि राशन के कट्टों पर टैग नहीं लगा था और वह सीलबंद भी नहीं थे।
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इस मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि मामले में रिपोर्ट तैयार की गई है। गोदाम में मौजूद खाद्यान्न की जांच की जाएगी। इसके साथ ही पिछले चार दिनों में जिन डीलरों ने गोदाम से राशन का उठान किया है उनकी जांच की जाएगी।
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पहले भी उजागर हुआ गोलमाल
पिछले साल ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरएफसी (रीजनल फूड कंट्रोलर) के गोदाम की जांच में इस गोदाम से गेहूं, चावल और चीनी के 10896 बोरे खाद्यान्न के गायब पाए गए थे। इस पर शासन ने वरिष्ठ विपणन निरीक्षक पूर्व प्रभारी कैलाश चंद्र पांडे सहित चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। इससे पहले छह अगस्त को उत्तराखंड सरकारी सस्ता गल्ला परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता के नेतृत्व के कई राशन डीलर गोदाम पहुंचे थे। तब उन्होंने तौल कांटे का वजन कराया तो पता चला 50 किलो का बोरा 51 किलो का दर्शा रहा था। इस हिसाब ये एक क्विंटल राशन पर गोदाम के अधिकारी दो किलों राशन हड़प रहे थे। वहां से प्रतिमाह एक लाख क्विंटल राशन उठता है। जिस हिसाब से हर माह दो लाख क्विंटल राशन का गोलमाल हो रहा था। यह विवाद थाने तक भी पहुंचा था।
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