ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
नगर निगम चुनाव को लेकर प्रचार का बिगुल शुक्रवार शाम थम गया। 100 वार्डों पर 18 नवंबर को मतदान होंगे। वहीं, मतगणना 20 नवंबर को होगी। शुक्रवार को दिन में जमकर प्रचार करने के बाद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने रात को गुपचुप तरीके से प्रचार किया। उधर, प्रशासन ने व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए मशक्कत की। सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट किया गया है कि वह अपने बूथों पर व्यवस्थाएं पूरी कराएं।
नगर निगम चुनाव का मतदान 18 नंवबर को होना है। इसे देखते हुए प्रत्याशियों को शुक्रवार की शाम पांच बजे तक प्रचार करना था। यही कारण था कि चुनाव प्रचार के अंतिम दिन भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने जीत के लिए पूरा दमखम लगा दिया। एक-दूसरे के वोट बैंक को साधने की कोशिश की। बीजेपी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने धुआंधार रोड शो और नारेबाजी के बीच घर-घर प्रचार किया। एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए। सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं। बीते 10 सालों से निगम में भाजपा का मेयर रहा है। ऐसे में इस बार भी पार्टी निगम में सत्ता बरकरार रखना चाहेगी। उधर, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी सत्ता हथियाने की कोशिश में जुटीं हैं।
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रणनीति तैयार करने का दौर शुरू
प्रत्याशियों और समर्थकों ने चुनावी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। विपक्षियों की चालों को काटने पर मंथन करने और रूठों को मनाने का दौर शुरू हो गया है। हर प्रत्याशी अंतिम समय में हर एक मतदाता के बीच अपना चेहरा दिखाने के लिए आतुर दिखाई दिया। स्थिति ये रही कि शहर की हर गली, सड़क और बाजार में चुनाव का शोर रहा, जो शाम को थमा। इस बीच भाजपा-कांग्रेस ने स्थानीय शीर्ष नेतृत्व के साथ आगामी चुनावी रणनीति पर मंथन किया। नेताओं के कहने पर कुछ प्रत्याशियों ने कॉलोनियों में जाकर गुपचुप देर रात तक जनसंपर्क के लिए बैठकें भी कीं। वहीं, जो लोग नाराज थे, उन्हें मनाने का भी काम किया गया। उधर, प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी काम हुआ।