ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
मलिन बस्तियों की सियासत के बीच राजनीतिक दल वार-पलटवार में उलझ गए हैं। कांग्रेस ने मलिन बस्तियों के मामले में जोरदार आंदोलन किया, तो भाजपा सात अगस्त को अध्यादेश लाने पर आभार रैली की तैयारी में जुटी है। भाजपा का यह पलटवार माना जा रहा है। बस्तियों को लेकर अपने पूर्व के आंदोलन का प्रभाव भाजपा की आभार रैली से न धुले, इसके लिए कांग्रेस ने पलटवार की रणनीति बना ली है। सात अगस्त को हर जिले में अब कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार का पुतला फूंकने जा रहे हैं। दूसरी तरफ, बस्तियों को मालिकाना हक की मांग के लिए रविवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह प्रेस कान्फ्रेंस करके सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में भी होंगे।
बस्तियों की सियासत यूं तो पूरे प्रदेश में चल रही है, लेकिन सबसे ज्यादा बस्तियां होने से देहरादून इसके केंद्र में है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दल अपनी सबसे ज्यादा ताकत यहीं झोंक रहे हैं। अब भाजपा की सात अगस्त की प्रस्तावित आभार रैली का मजा फीका करने के लिए कांग्रेस ने तैयारी तेज कर दी है। कांग्रेस हर जिले में सरकार के पुतले फूंकेगी। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी के अनुसार, हर जिला इकाई को अध्यक्ष प्रीतम सिंह की ओर से निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम की तैयारी में जुट जाएं। इधर, पूर्व संसदीय सचिव राजकुमार के अनुसार, कांग्रेस मालिकाना हक के लिए और दबाव बनाएगी। रविवार को प्रदेश अध्यक्ष इस मसले पर प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहे हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद्र शर्मा और प्रदेश सचिव दीप वोहरा ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि पूरी ताकत से बस्तियों की लड़ाई लड़ी जाएगी।