नशाखोरी के विरोध में चलाएंगे मुहिम
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। धाद संस्था ने बुधवार को एक माह के हरेला महोत्सव के लिए जागृति फाउंडेशन में हरेला क्लब का गठन किया। संस्था ने समाज के सभी वर्गों से नशाखोरी के विरोध में मुहिम चलाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की है। फाउंडेशन में 100 नशा रोगियों के साथ हरेला क्लब की शुरुआत की गई।
बुधवार को राजपुर रोड स्थित फाउंडेशन कार्यालय में रीता भंडारी और विमला नेगी ने पारंपरिक लोक गीतों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्य अतिथि लोकेश नवानी ने कहा कि हरेला प्रकृति के नव सृजन का पर्व है। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन के साथ ही हमें नशाखोरी के विरोध आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि नशे के बढ़ते प्रकोप ने कई परिवारों को खत्म कर दिया है। कई युवा नशे के जाल में फंसकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। इससे बचाव के लिए सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि नशे के जंजाल में फंसे व्यक्ति को बाहर निकालकर अन्य सामाजिक गतिविधियों में शामिल करना होगा ताकि वह खुद को समाज की मुख्यधारा में शामिल कर सके।
फाउंडेशन के निदेशक प्रीत कोहली ने बताया कि नशाखोरी के विरोध में वह अपनी टीम के साथ मुहिम चला रहे हैं। नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को बेहतर उपचार के जरिये इससे उबारने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नशे से दूर करने के लिए उन्हें कई तरह की गतिविधियों में शामिल किया जाता है। पौधारोपण ऐसी ही एक प्रक्रिया है, जिसमें शामिल होकर उन्हें खुशी भी मिलती है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन 100 हरेला अंबेसडर बनाएगा, जो नियमित तौर पर पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहेगा। प्रत्येक सदस्य एक-एक पौधा लगाएगा और उसकी देखरेख भी करेगा। इस अवसर पर डा. तपस्या, विजय जुयाल, नवीन नौटियाल, आशा पांडेय, राजेंद्र किशन, तन्मय ममगाई समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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रोगियों ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प
देहरादून। कार्यक्रम में कई नशा रोगियों ने हमेशा के लिए नशा छोड़ने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि समाज के लिए उपयोगी गतिविधि में शामिल होने के बाद उन्हें भीतर से जो आनंद महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों से भी वह नशा छोड़ने की अपील करेंगे।
यमुनानगर निवासी शेखर वर्मा ने बताया कि कुछ समय पूर्व नशे की लत ने उन्हें जकड़ लिया। उन्होंने कई प्रयास किए लेकिन वह इससे बाहर नहीं निकल सके। उपचार के लिए फाउंडेशन में आने के बाद सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने का उन्हें फायदा मिला। उन्होंने धाद की पहल की सराहना करते हुए पौधारोपण कार्यक्रम से जुड़ने और नशे को पूरी तरह छोड़ने का संकल्प लिया।
धीरज ने बताया कि बचपन में खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करते थे, लेकिन बाद में नशे की लत ने उन्हें बर्बाद कर दिया। अब वह नशा छोड़कर दोबारा समाज से जुड़ना चाहते हैं। इसके लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद नशा छोड़ने के बाद अन्य लोगों की भी मदद करना चाहते हैं। अपनी मां का लिखा गीत सुनाते हुए स्वारित किशन ने कहा कि वह नशा छोड़ने का संकल्प लेकर आए हैं। नशे को पूरी तरह अलविदा करने के बाद वह सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।