ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
शिमला बाईपास से धर्मावाला तक डंपरों के संचालन की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को 600 ट्रक और डंपरों के चक्के जाम रहे। देवभूमि बिल्डिंग मैटीरियल सप्लायर्स एवं ट्रक ऑपरेटर कल्याण समिति के बैनर तले ट्रक-डंपर आशारोड़ी चेक पोस्ट और धर्मावाला चौक से कुल्हाल पुल रूट पर खड़े रहे। यूनियन के पदाधिकारियों ने मांग जल्द पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं, हड़ताल से सरकार को करीब 30 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है।
समिति अध्यक्ष अनिल पांडेय के नेतृत्व में यूनियन के पदाधिकारी आशारोड़ी चेक पोस्ट पहुंचे। यहां करीब 300 ट्रक-डंपर खड़े हुए। वहीं, विकासनगर वाले करीब इतने ही डंपर धर्मावाला से कुल्हाल पुल रूट पर सड़क के किनारे खड़े रहे। पांडेय ने कहा कि पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से अवैध खनन एवं ओवरलोडिंग के नाम पर बिल्डिंग मैटीरियल सप्लाई में लगे ट्रक-डंपर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शिमला बाईपास चौक से धर्मावाला तक अन्य वाहनों को जाने की अनुमति है, लेकिन डंपरों पर प्रतिबंध है। इस पर कई बार आपत्ति भी दर्ज कराई गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा मजबूरी में यूनियन को हड़ताल करनी पड़ी। उन्होंने मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का अल्टीमेटम दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में ट्रक-डंपर ऑपरेटर मौजूद रहे।