ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
अपनी शानदार बल्लेबाजी और कलात्मक अंदाज के दम पर प्रशंसकों के दिलों पर राज करने वाले क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने सन्यास भले ही ले लिया हो, लेकिन वह मैदान पर आज भी जमकर पसीना बहाते हैं। अंडर-19 क्रिकेट टीम की कोचिंग के दौरान द्रविड़ खिलाड़ियों से ज्यादा मेहनत करते हैं। उनका यह समर्पण और जज्बा युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित करता है। न्यूजीलैंड में आयोजित होने जा रहे अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप के लिए भारतीय टीम में चुने गए उत्तराखंड के आर्यन जुयाल ने अमर उजाला से अनुभव साझा करते हुए यह बात कही।
शनिवार को राजपुर रोड स्थित अविरल क्लासेज में आर्यन और उनके कोच रविंद्र नेगी का अभिनंदन हुआ। संस्थान के निदेशक डीके मिश्रा, यूसीए के सचिव पीसी वर्मा और अभिभावक क्रिकेट समिति के अध्यक्ष संदीप गुप्ता ने आर्यन को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए उनके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आर्यन के भारतीय टीम में जगह बनाने से युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। इस दौरान आर्यन ने कहा कि भारतीय टीम विश्वकप की प्रमुख दावेदार हैं। वह बंगलूरू नेशनल कैंप में तैयारी कर रहे हैं। पिछली बार भारतीय टीम उपविजेता रही, लेकिन इस बार हम ट्रॉफी जीतने के लिए खेलेंगे। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में प्रतियोगिता से पहले अभ्यास मैचों से फायदा होगा। वरिष्ठ क्रिकेट कोच मनोज रावत, धीरज खरे समेत अन्य मौजूद रहे।
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उत्तराखंड में कम नहीं प्रतिभाएं
युवा विकेटकीपर बल्लेबाज आर्यन ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। लेकिन मान्यता नहीं होने से खिलाड़ियों को मजबूरन दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। वहीं, नए खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए बेहतर व्यवस्था की वकालत भी की। उन्होंने कहा कि इससे संघर्ष के दौर में खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा। आर्यन ने कहा कि आज उत्तराखंड के खिलाड़ी देश के कई राज्यों की टीमों का हिस्सा हैं। अगर उत्तराखंड को मान्यता मिले तो यहां कई प्रतिभावान खिलाड़ी सामने आएंगे।