रुद्रप्रयाग (ब्यूरो)। मानसून की दस्तक के साथ ही पहाड़ में बरसाती नदी, नालों और गाड़-गदेरों का जलस्तर बढ़ने के साथ आमजन की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी कई जगहों पर पहाड़ी से पानी के स्रोत फूट गए हैं, जिससे रास्ता संवेदनशील हो गया है।
बीते रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद से पैदल मार्ग पर भीमबली में बरसाती झरने का प्रवाह बढ़ गया है। यहां पर पहाड़ी से पानी का सैलाब रास्ते में बह रहा है। यहां पर डीडीएमए की ओर से रास्ते के किनारे रेलिंग लगाई गई है। साथ ही सुरक्षा जवान श्रद्धालुओं को हाथ पकड़कर आवाजाही करा रहे हैं। उधर, भैरव गदेरा में भी बरसाती पानी का स्रोत अपने चरम पर पहुंच गया है। पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि बरसात को देखते हुए पैदल मार्ग पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को जरूरी ऐतिहात बरतने को कहा गया है। इधर, डीडीएमए के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि जिन स्थानों पर बरसाती झरना बह रहा है। वहां पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही भूस्खलन प्रभावित स्थानों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।