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रामतीर्थ की तपस् थली पर संकट

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चंबा (टिहरी)। एसआरटी आश्रम समिति ने नरेंद्रनगर में स्थित स्वामी रामतीर्थ की तपस्थली की सुध नहीं लिए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि उपेक्षा के चलते गुफा का अस्तित्व संकट में है। उन्होंने राम गुफा को ऐतिहासिक धरोहर घोषित कर उसका संरक्षण करने की मांग की है।
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शनिवार को हुई बैठक में अविचल ज्ञान से संपन्न संपूर्ण भूमंडल को अलौकिक करने वाले दिव्य संत रामतीर्थ के कार्यों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वामी रामतीर्थ का टिहरी और मां गंगा से बड़ा लगाव था। हिमालय यात्रा के दौरान नरेंद्रनगर के निकट अरण्य क्षेत्र में स्थित एक गुफा में रहकर स्वामी रामतीर्थ ने तप किया था। उसी गुफा में रामतीर्थ को अलौकिक अनुभव और आत्म साक्षात्कार हुआ था। आश्रम समिति के उपाध्यक्ष डा. प्रभाकर जोशी ने कहा कि योग के जानकारों के अनुसार ऐसे दिव्य स्थानों पर बैठने मात्र से साधक की कई अनसुलझी यौगिक शंकाओं का समाधान हो जाता है। अनिल असवाल ने कहा कि रामतीर्थ के जीवन का प्रत्येक पक्ष हमारे लिए प्रेरणादायी है। बैठक में युवा गो सेवक स्वामी विशुद्धानंद की आत्म शांति के लिए प्रार्थना की गई। बैठक में पवन बिजल्वाण, प्रवीन रावत, राकेश रावत, जगदीश प्रसाद और जितेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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