उत्तराखंड राज्य में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में करीब 900 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पर कंपनियों के साथ सहमति बन गई है। इन्वेस्टर्स समिट से पहले उद्यान विभाग कंपनियों के साथ एमओयू करेगी। गुजरात की बालाजी बेकर्स कंपनी उत्तराखंड में 500 करोड़ का निवेश कर फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री लगाने को तैयार है।
प्रदेश सरकार ने औद्योगिक निवेश के लिए कृषि व बागवानी फसलों पर आधारित फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को कोर सेक्टर में शामिल किया है। खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होने से कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन (वेल्यू चेन) होने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। इसके साथ ही मार्केटिंग की समस्याएं नहीं रहेगी। कृषि और उद्यान विभाग की ओर से फूड प्रोसेसिंग उद्योग स्थापित करने के लिए कंपनियों के साथ निवेश प्रस्ताव पर एमओयू करने की प्रक्रिया चल रही है।
उद्यान विभाग को 900 करोड़ निवेश प्रस्ताव पर विभिन्न कंपनियों की ओर से सहमति मिल गई है। इन प्रस्तावों पर जल्द ही विभाग और कंपनी के बीच एमओयू होगा। इसमें सबसे बड़ा निवेश का प्रस्ताव गुजरात की बालाजी बेकर्स कंपनी ने 500 करोड़ रुपये का दिया है। कंपनी प्रदेश में चिप्स व अन्य उत्पाद बनाने का उद्योग लगाएगी। वहीं हैदराबाद की मैक्स वर्कस कंपनी क्लस्टर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने को तैयार है। जिसमें चाय की पैकिंग, जूस आदि तमाम तरह के उत्पाद बनाए जाएंगे। इसके साथ ही फ्लैक्स फूड कंपनी और कोल्ड चेन में कई कंपनियों के साथ निवेश पर एमओयू होगा।
150 करोड़ के निवेश पर हो चुका एमओयू
ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में 150 करोड़ का फूड प्रोसेसिंग उद्योग स्थापित करने के लिए कृषि विभाग और मुंबई की रिद्घि सिद्घि कंपनी के साथ एमओयू हो चुका है। यह कंपनी मक्का से स्टार्च बनाएगी। इस उद्योग में आठ लाख टन मक्का की खपत होगी। जिसमें चार लाख टन मक्का उत्तराखंड के किसानों से खरीदा जाएगा। इस उद्योग के लगने से किसानों को मक्का की मार्केटिंग की दिक्कत नहीं रहेगी। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
उत्तराखंड राज्य में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश की काफी संभावना है। इस सेक्टर में निवेेश के लिए कृषि व उद्यान विभाग की ओर से प्रस्ताव बना कर कंपनियों से निवेश के लिए संपर्क कर रहे हैं। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग उद्योग लगने से कृषि उत्पादों का वेल्यू एडिशन होने से किसानों को अच्छे दाम मिलेंगे। साथ ही कंपनी सीधे किसानों से उत्पाद की खरीदेगी।
- सुबोध उनियाल, कृषि एवं उद्यान मंत्री