छुट्टियों के दौरान नहीं करेंगे अधिवेशन और संगठनों के चुनाव
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। शिक्षा विभाग में अवकाश के दिनों में ही शिक्षक संगठनों के अधिवेशन व संघों के चुनाव कराने संबंधी शिक्षा सचिव के आदेश के बाद शिक्षक संगठन इस आदेश के विरोध में लामबंद हो गए हैं। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा सचिव के इस आदेश का पुरजोर विरोध किया जाएगा। पदाधिकारियों का कहना है कि जब राज्य के अन्य सरकारी विभागों में यह आदेश लागू नहीं है तो इसे शिक्षकों पर नहीं थोपा जा सकता है।
शिक्षा सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख की ओर से जारी आदेश को लेकर उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान का कहना है कि तमाम शिक्षक संगठनों को मान्यता सरकार व शासन की ओर से शिक्षा विभाग की संस्तुति पर दी गई है। मान्यता की शर्तों में संगठनों के चुनाव व अधिवेशन कराने का प्रावधान है जिसे अब अधिकारी समाप्त करना चाहते हैं इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षा सचिव के इस आदेश का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही संगठन पदाधिकारियों की बैठक कर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वहीं उत्तराखंड राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केके डिमरी का कहना है कि जब राज्य में तमाम सरकारी विभागों के संगठनों को कार्यदिवस में अधिवेशन व संघों के चुनाव कराने का प्रावधान है तो शिक्षकों को उनके इस अधिकार से क्यों वंचित किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के तमाम संगठनों को मान्यता सरकार व शासन की ओर से दी गई है। मान्यता की शर्तों में उल्लेख है कि संगठनों के अधिवेशन व चुनाव कराने को लेकर अवकाश स्वीकृत किए जाएंगे, लेकिन अब सरकार शिक्षकों को उनके इस अधिकार से वंचित करना चाह रही है, इसका विरोध किया जाएगा। कमोेवेश यही बात माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने भी दोहरायी है।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व शिक्षा सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने आदेश जारी किया था कि शिक्षा विभाग के तमाम संगठनों व संघों के अधिवेशन व चुनाव सरकारी अवकाश के दिनों में कराए जाएंगे। शिक्षकों को अधिवेशन व चुनाव कराने को लेकर विभाग की ओर से अलग से अवकाश नहीं स्वीकृत किए जाएंगे। सरकार व आला अफसरों का मानना है कि ऐसा होने से पठन पाठन प्रभावित नहीं होगा, लेकिन शिक्षक संगठन सचिव के इस आदेश का विरोध कर रहे हैं।