ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार अगले तीन वर्षों में हजारों लोगों को आवास उपलब्ध कराएगी। इसी क्रम में आमवाला तरला, धौलास समेत कई जगहों पर आवास निर्माणाधीन हैं। मदन कौशिक सोमवार को नगर निगम के टाउन हॉल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आयोजित आवास आवंटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान 224 परिवारों को घर की चाबी दी गई। आवासों का आवंटन लॉटरी के जरिये किया गया।
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दुर्बल आय वर्ग के लोगों के लिए 464 मकान बनाए जाने थे। इसी कड़ी में ट्रांसपोर्ट नगर में 224 मकान बनाए गए हैं। मुख्य अतिथि शहरी विकास मंत्री कौशिक ने पहली लॉटरी माजरा निवासी सुषमा के नाम की निकाली। इसके बाद अन्य लोगों की लॉटरी निकाली गई। किराये पर रहने वाले परिवारों को जब उनके घर की चाबी मिली तो उनकी खुशी देखने लायक थी। लाभार्थियों का कहना था कि वर्षों पुराना मकान का सपना आज पूरा हो गया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित प्रधानमंत्री आवासों के लिए हजारों की संख्या में नगर निगम को आवेदन मिले थे। इनमें से निगम ने 689 लोगों का नाम फाइनल किया था। इसके बाद सोमवार को लॉटरी के जरिये मकान आवंटित किए गए। ईडब्ल्यूएस फ्लैटों की कीमत एमडीडीए ने साढ़े पांच लाख रुपये रखी थी। इसमें केंद्र ने डेढ़ व राज्य सरकार ने एक लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। अगर कोई लाभार्थी एक साथ शेष धनराशि देने में सक्षम नहीं है तो एमडीडीए उसे बैंक से ऋण भी दिलाएगा। 20 से 22 दिसंबर तक सहस्त्रधारा रोड स्थित आमवाला तरला में बन रहे 240 मकानों के लिए सूची जारी की जाएगी। इसके बाद लॉटरी के जरिये मकान आवंटित किए जाएंगे। आवास सत्यापन के बाद ही दिए जाएंगे। अगर किसी के नाम पर पहले से आवास है, तो उसका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि निगम क्षेत्र में गरीबों के लिए आवास बनाने का कार्य जारी रहेगा। इस मौके पर राजपुर विधायक खजानदास, धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, एमडीडीए सचिव पीसी दुम्का, सिटी मजिस्ट्रेट मनुज गोयल आदि मौजूद रहे।
लाइट मेट्रो पर काम कर रही सरकार
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने मेट्रो प्रोजेक्ट पर कहा कि दून में मेट्रो के स्थान पर लाइट मेट्रो और दूसरे विकल्पों पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री के त्रिवेंद्र सिंह रावत के मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े बयान को गलत तरीके से लिया गया है। मेट्रो प्रोजेक्ट पर सरकार ने हाथ पीछे नहीं खींचे हैं। बल्कि जरूरत के हिसाब से मेट्रो के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। दून में सड़कों की चौड़ाई, सड़क किनारे मौजूद भवनों की स्थिति को देखते हुए सरकार मेट्रो की बजाय यहां लाइट मेट्रो व पॉड टैक्सी के विकल्प पर विचार कर रही है। इसके साथ ही हरिद्वार व ऋषिकेश में भी इसका ध्यान रखकर फैसला लिया जाएगा।
टाउन हॉल के बाहर लगी थी स्क्रीन
नगर निगम टाउन हॉल में जगह कम होने के चलते निगम परिसर में टेंट लगाया गया था। लोग वहीं से लॉटरी प्रक्रिया देख रहे थे। जिसके नाम की लॉटरी निकल रही थी, वह चाबी लेने के लिए परिवार के सदस्यों के साथ टाउन हाल के अंदर जा रहा था।