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भारत की आन, बान और शान है गाय

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भारत की आन, बान और शान है गाय
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। भारतीय गो क्रांति मंच की ओर सोमवार को परेड ग्राउंड में गो कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन वाचक गोपाल मणि महाराज ने गाय की महिमा का बखान किया। कहा कि गाय भारत की आन बान और शान है। कथावाचक ने गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने की मांग की। कहा कि जब तक गो माता को सम्मान नहीं मिलता, तब तक यह गो राष्ट्र माता प्रतिष्ठा महासंकल्प चलता रहेगा।
उन्होंने कहा कि गो कथा सुनना अमृतपान करने के समान है। जिस दिन देश में गो को राष्ट्रमाता का सम्मान मिल जाएगा, उस दिन से स्वर्णिम युग लौट आएगा। कहा कि गो माता हमारे सत्कर्मों की साक्षी है। ये देश का दुर्भाग्य है कि यहां हजारों गायों का रक्त बह रहा है। शास्त्रों के अनुसार, जिस धरा पर गो माता के आंसू गिरते हैं, वहां के सारे पुण्य खत्म हो जाते हैं। गाय देश की सनातन परंपरा का अटूट हिस्सा है। गाय के संवर्धन के बिना भारत की संस्कृति का संवर्द्धन संभव नहीं है।
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उन्होंने कहा कि गो माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देकर संवैधानिक सम्मान दिया जाए। इस संबंध में सरकार से अगले सप्ताह शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के पहले दिन प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजने का आग्रह किया। इस अवसर पर व्यासपीठ पर आसीन आचार्य सीताशरण ने भजन से गो महत्व बनाया।
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इस दौरान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष शर्मा, मनोहर लाल जुयाल, बलवीर सिंह पंवार, शूरवीर सिंह मतूड़ा, बृजलाल रतूड़ी, आनंद सिंह रावत, यशवंत सिंह, मनीष वर्मा सूरतराम डंगवाल, प्रभा जुयाल, सीता जुयाल, वसुमती, सरला मैठाणी, तेजराम नौटियाल, आचार्य राकेश सेमवाल, मधु रतूड़ी, सुधा ध्यानी, बलवीर चंद, मंजू नेगी, भुवनेश्वरी नेगी सहित सैकड़ाें गो भक्त मौजूद रहे। मंच संचालन मंच के प्रवक्ता डॉ. राम भूषि बजल्वान ने किया।
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